उज्जैन: ग्रांड होटल के साथ जमीन को हैंडओवर करने का रास्ता साफ

महापौर और कमिश्नर बंगले भी होंगे शिफ्ट

एमआईसी के तीन सदस्य पक्ष में, बाकी विरोध में लेकिन प्रस्ताव पारित
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। शहर की ऐतिहासिक ग्रांड होटल के साथ पूरी जमीन पर्यटन विभाग को हैंडओवर करने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे महापौर और कमिश्नर के बंगले भी अब दूसरी जगह शिफ्ट होंगे। एमआईसी में इस मुद्दे को लेकर तीन एमआईसी सदस्य पक्ष में रहे जबकि अन्य ने इसका विरोध किया। अंतत: होटल पर्यटन विभाग को देने का निर्णय लिया गया। निगम प्रशासन अब शासन कोयह प्रस्ताव भेजेगा।
ग्रांड होटल परिसर में अभी महापौर बंगला और कार्यालय के साथ निगम कमिश्नर का भी बंगला है। इसके अलावा निगम अध्यक्ष सहित अन्य अधिकारियों के बंगले भी हैं। शनिवार को एमआईसी में इस मुद्दे पर निगम प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच काफी तकरार हुई। सदस्यों का कहना था कि निगम की हिस्सेदारी भी इसमें तय होना चाहिए, लेकिन निगम अधिकारियों ने कहा शासन स्तर पर इसे पर्यटन विभाग को सौंपने का निर्णय हो चुका है। आखिरकार विरोध करने वाले सदस्यों ने कहा कि हमारा तो यही प्रस्ताव है, बाकी आपको जो करना है वो कीजिए। इस बैठक के बाद यह तय हो गया है कि जल्द ही पूरे परिसर के साथ ग्रांड होटल को पर्यटन विभाग के हाथ में सौंप दिया जाएगा। पर्यटन विभाग इसे होटल के रूप में संचालित करेगा।
निगम ने सफेद हाथी बना दिया
ग्रांड होटल शहर के बीच में होने के बाद भी निगम प्रशासन इसे कमाऊपूत नहीं बना सका, जबकि इसमें लग्जरी होटल का संचालन कर अच्छी कमाई की जा सकती थी। मैसूर में ललिता महल पैलेस को एक होटल के रूप में संचालित किया जा रहा है और उसका मेंटेनेंस भी शाही महल के रूप में आज भी बखूबी हो रहा है। यह होटल बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग के लिए अच्छी जगह है। अमिताभ बच्चन की मर्द और केजीएफ आदि की शूटिंग हो चुकी है। इसी तरह पर अब ग्रांड होटल को लोकप्रिय बनाया जा सकता है।
तीर्थ गोपीकॉन को करेंगे ब्लैकलिस्टेड
अमृत 2.0 के अंतर्गत जलावर्धन योजना का टेंडर एमआईसी में निरस्त करने के बाद ठेकेदार कंपनी तीर्थ गोपीकॉन लिमिटेड को ब्लैकलिस्टेड करने की कार्रवाई की जाएगी। कंपनी ने 32 करोड़ के इस प्रोजेक्ट का ठेका लेने के लिए फर्जी डॉक्यूमेंट देकर बैंक गारंटी ले ली थी। निगम ने इस पर कंपनी को करीब चार करोड़ रुपए का पेमेंट भी कर दिया था। इसकी भरपाई के लिए निगम तीर्थ गोपीकॉन लि. की ढाई करोड़ रुपए की जमा राशि राजसात करेगा।









