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महाकाल मंदिर में एक जगह जमे कर्मचारियों को हटाने की तैयारी

मंदिर में 309 कर्मचारियों की फौज

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उज्जैन। महाकाल मंदिर में कर्मचारियों द्वारा भ्रष्टाचार करने का मामला उजागर होने के बाद एक जगह पर जमे कर्मचारियों को हटाने की तैयारी पूरी हो गई है। जल्द ही मंदिर प्रशासन इस मामले में आदेश जारी करेगा। मंदिर प्रबंध समिति की बैठक इसी हफ्ते होने की संभावना है। महाकाल मंदिर में 309 कर्मचारियों की फौज है। इसके अलावा आउटसोर्स के कर्मचारी भी हैं।

कई कर्मचारी और अधिकारी वर्षों से एक ही जगह जमे हैं। इस कारण भी मंदिर में भ्रष्टाचार अपने पैर जमाने लगता है। मंदिर में अवैध कमाई करने के मामले में पकड़े गए जिन कर्मचारियों को जेल भेजा गया है, उनमें सभी एक ही जगह पर वर्षों से तैनात थे।

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प्रबंध समिति की बैठक में होगा मंथन- महाकाल मंदिर प्रबंध समिति की बैठक इसी हफ्ते आयोजित करने की तैयारी चल रही। इसमें भी दर्शन व्यवस्था में सुधार के प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा।

राजकुमार को हटाने पर विधायक ने लगा दिया था अड़ंगा-महाकाल मंदिर में कर्मचारियों के तार जनप्रतिनिधियों से जुड़े हुए हैं। इस कारण भी उनको हटाना आसान नहीं। सूत्रों के अनुसार आईटी सेल में पदस्थ प्रभारी राजकुमार को हटाने के लिए एक माह पहले आदेश जारी किया गया था, लेकिन एक विधायक ने इस मामले में अड़ंगा डाल दिया था। बाद में खुलासा हुआ कि राजकुमार भ्रष्टाचारियों की गैंग में शामिल था। अभी वह जेल में है।

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