संभागभर के सरकारी मंदिरों के पुजारी पढ़ेंगे प्रबंधन का पाठ

धर्म, संस्कृति, कर्मकांड पर आधारित आयोजन 28 को
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उज्जैन। संभाग के सरकारी मंदिरों के पुजारी अब प्रबंधन का पाठ भी पढ़ेंगे। उन्हें धर्म, संस्कृति, कर्मकांड के प्रबंधन की जानकारी 28 दिसंबर को कालिदास अकादमी संकुल में दी जाएगी। अफसरों के साथ शंकराचार्य के शिष्य निरंजनानंद ब्रह्म चार्य इसमें खास तौर पर शामिल होंगे।
धर्मस्व विभाग ने पुजारी उन्मुखीकरण कार्यशाला कालिदास अकादमी संकुल में 28 दिसंबर की सुबह 11 बजे आयोजित की है। इसमें संभाग से 250 और उज्जैन जिले के 150 पुजारियों को बुलाया गया है। दरअसल धर्मस्व विभाग शासकीय देवस्थानों को पुजारियों की मदद से विकसित करना चाहता है और यह कार्यशाला उसी कड़ी में आयोजित की जा रही है। मंदिरों को पर्यटन केंद्र की तरह विकसित करने के लिए यह पुजारी अपने स्तर पर प्लान तैयार करेंगे। फीडबैक अच्छे मिलने पर अन्य पुजारियों को भी धर्म व प्रबंधन का पाठ पढ़ाया जा सकेगा।
क्या-क्या बताएंगे
महर्षि पाणिनि संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति मिथिलाप्रसाद त्रिपाठी देवालयों के सांस्कृतिक व सामाजिक महत्व की जानकारी देंगे। वेदमूर्ति धनंजय शास्त्री वैद्य महाराष्ट्र (शंकराचार्यजी से दीक्षा लेने के बाद निरंजनानंद ब्रह्मचार्य हो गए हैं।) पुजारियों को विधि विधान और धार्मिक कर्मकांड सिखाएंगे। श्योपुर के अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय देव स्थानों का प्रशासन और प्रबंधन के तरीके बताएंगे। संभाग के देव स्थलों की महत्ता बताने के लिए पुस्तक तैयार की है। शासकीय संस्कृत कॉलेज के सहयोग से तैयार पुस्तक का विमोचन इस दौरान किया जाएगा।









