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तैयारी अधूरी : शुरू होने के साथ ही स्थगित हो गई एमआईसी की बैठक

5073 करोड़ के बजट पर अब 10 मार्च को होगी चर्चा

 

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। नगर निगम के वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित बजट पर चर्चा के लिए बुलाई गई महापौर परिषद (एमआइसी) की बैठक गुरुवार को शुरू होने के साथ ही स्थगित भी हो गई। प्रस्तावित बजट पर की कमजोर तैयारी देखकर महापौर मुकेश टटवाल ने चर्चा करने के बजाय इसे आगे बढ़ाने का फैसला किया। उन्होंने अफसरों को ताकीद किया कि 10 मार्च को बैठक होगी, उसमें बजट से जुड़ी समस्त जानकारी, आय-व्यय का पूरा विवरण और संबंधित विभागों के अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे

नगर निगम प्रशासन ने नए वित्तीय वर्ष के लिए 5073 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया है, जो चालू वित्तीय वर्ष के 4782 करोड़ रुपये के मुकाबले अधिक है। निगम अफसर सिंहस्थ-2028 को देखते हुए बजट में पूरा फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर पर रख रहे हैं। इसके चलते ही सड़क चौड़ीकरण, पेयजल आपूर्ति, सीवरेज व्यवस्था, ट्रैफिक मैनेजमेंट, पार्किंग और शहरी सौंदर्यीकरण से जुड़े प्रोजेक्ट्स को शामिल किया गया है।

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आंकड़ों की भूलभलैया
नगरनिगम के बजट का बढ़ता आकार भूलभलैया सा है, क्योंकि निगम की आय की तुलना में खर्च अधिक दिख रहा है। निगम की वास्तविक वित्तीय स्थिति मरणासन्न हालात में है और तय लक्ष्यों के अनुरूप राजस्व की प्राप्ति नहीं हो रही है। ऐसे में महापौर बजट को वास्तविक बुनियाद पर रखना चाहते हैं।

संपत्ति कर लक्ष्य से दूर
नगर निगम की आय का सबसे मुख्य स्रोत संपत्ति कर है, लेकिन इस मोर्चे पर भी निगम की स्थिति संतोषजनक नहीं है। शहर में 1 लाख 37 हजार 742 संपत्तियां दर्ज हैं, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निगम ने 155 करोड़ रुपए की वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया था, लेकिन अब तक केवल 40 करोड़ रुपए ही सरकारी खजाने में आ सके हैं। 60 हजार करदाताओं ने भुगतान किया है, जबकि लगभग 80 हजार करदाता पर अब भी बकाया है।

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