परेशानी : चौड़ाई में अटका फ्रीगंज का नया ओवरब्रिज

रेलवे से 15 मीटर की एनओसी नहीं मिलने से टेंडर भी रुका

उज्जैन। सिंहस्थ 2028 से पहले फ्रीगंज ओवरब्रिज के समानांतर नया ब्रिज बनाने का टेंडर अब तक खुल नहीं सका है। भोपाल मुख्यालय में इसको लेकर अभी मंथन का दौर चल रहा है। दरअसल ब्रिज की चौड़ाई 15 करने का प्रस्ताव है लेकिन रेलवे ने इसकी हरी झंडी नहीं दी है। इस कारण टेंडर को भी रोका गया है।
लोक निर्माण विभाग सेतु द्वारा ब्रिज निर्माण के लिए 16.27 करोड़ रुपए का टेंडर लगा दिया गया है और इसे 13 सितंबर तक खोलना था ताकि निर्माण एजेंसी तय हो सके, लेकिन अभी तक यह भोपाल मुख्यालय में ही है। टेंडर को विभाग ने हरी झंडी नहीं दी है। सूत्रों के अनुसार अब नई तकनीकी अड़चन आ गई है।
ब्रिज की चौड़ाई 15 मीटर यानी करीब 50 फीट प्रस्तावित की गई है। इस योजना के अनुसार ही टेंडर जारी किया गया है, लेकिन रेलवे इसके लिए अभी तैयार नहीं हो सका है। इसके लिए उसकी एनओसी नहीं मिल सकी है।
पहले ब्रिज की चौड़ाई 12 मीटर प्रस्तावित थी, लेकिन रेलवे अधिकारियों के साथ किए गए संयुक्त निरीक्षण में इसे 15 मीटर करने पर सहमति बनी थी। जब तक रेलवे की एनओसी नहीं मिलेगी तब तक विभाग टेंडर मंजूर कैसे करे। इसी उहापोह से टेंडर अधर में पड़ गया है।
इसलिए रेलवे नहीं दे रहा एनओसी…
दरअसल, ब्रिज की चौड़ाई 15 मीटर करने पर रेलवे का पॉवर हाउस दायरे में आ रहा है और इसे पहले शिफ्ट करना जरूरी रहेगा। इसमें रेलवे को काफी मशक्कत करना पड़ेगी और खर्चा भी ज्यादा आएगा। रेलवे इसके लिए अलग से पैसा ले सकता है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार ब्रिज की चौड़ाई 12 मीटर (करीब 40 फीट) रखी जाए तो यह अड़चन नहीं आएगी।
यह सही है कि फ्रीगंज में नए ओवरब्रिज का टेंडर अभी खुल नहीं सका है। ब्रिज की चौड़ाई तय करने का काम उच्च स्तर पर चल रहा है। रेलवे की एनओसी नहीं मिलने के कारण यह निर्णय अभी लंबित है।-नीरजकुमार सिंह, कलेक्टर









