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विहिप और बजरंग दल के प्रांतीय पदाधिकारी पहुंचे खड़े हनुमान मंदिर, कहा मूर्ति यहीं स्थापित रहने दें

देशभर के संतों ने भी मंदिर पहुंचकर दर्शन किए और प्रतिमा को यथावत रखने की मांग की

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। विहिप और बजरंग दल के प्रांतीय पदाधिकारी बुधवार को खड़े हनुमान मंंदिर पहुंचे। प्रयागराज, काशी, हरिद्वार तथा अन्य स्थानों से उज्जैन आए संतों ने भी खड़े हनुमानजी के दर्शन किए और क्षेत्र के लोगों की आस्था को देखते हुए मूर्ति को यहीं स्थापित रहने देने का अनुरोध किया। क्षेत्र के लोगों ने भी कहा कि उनकी इच्छा है दोनों मंदिर यहीं रहें।

यहां के दुकानदारों का कहना है कि मंदिर हटने से उनका व्यवसाय भी प्रभावित होगा। प्रतिमा हटाने की जानकारी मिलने पर बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी रोजाना बढ़ रही है। बुधवार को दुबई से आई महिला ने भी परिवार के साथ खड़े हनुमानजी के दर्शन किए। वे महाकालेश्वर भगवान के दर्शन के लिए उज्जैन आईं थी। जानकारी मिलने पर छतरीचौक पहुंचीं और खड़े हनुमानजी के दर्शन किए। मूर्ति हटाने का प्रकरण जब से चल रहा है विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी सक्रिय हैं और क्षेत्र में दिनभर उनकी उपस्थिति देखी जा सकती है।

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मंगलवार की तरह बुधवार को भी खड़े हनुमानजी के दर्शन के लिए दिनभर श्रद्धालुओं को तांता लगा रहा। अव्यवस्था न हो इसलिए बैरिकेड्स लगाकर लाइन से दर्शन के लिए भक्तों को भेजा जा रहा था। लोगों की भीड़ को देखते हुए पुलिस ने भी बुधवार को फोर्स बढ़ा दिया। नगर निगम के पार्षद और धार्मिक कार्यक्रमों में सक्रिय शिवेंद्र तिवारी, बजरंग दल सहसंयोजक सुमन माली, विहिप धर्मप्रसार प्रमुख शैलू यादव सहित हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी क्षेत्र में सक्रिय रहे और दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए व्यवस्था करते रहे। इधर फिलहाल निगम प्रशासन ने गेंद आईआईटी एक्सपर्ट के पाले में डाल दी है।

खड़े हनुमान जी प्रतिमा हटाने का कांग्रेस ने किया विरोध

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कंठाल चौराहा-छत्रीचौक सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आ रहे खड़े हनुमान जी प्रतिमा के विस्थापन का कांग्रेस ने विरोध किया है। बुधवार को विधायक महेश परमार, पूर्व विधायक दिलीपसिंह गुर्जर, शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी कार्यकर्ताओं के साथ रामधुन गाते हुए खड़े हनुमान मंदिर पहुंचे और हनुमान चालीसा पाठ किया। शहर कांग्रेस कार्यालय से निकले जुलूस में बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने उपस्थिति दर्ज कराई। नेताओं ने खड़े हनुमान जी का पूजन किया और श्रीफल अर्पित किया।

खड़े हनुमानजी का मंदिर काफी पुराना

पार्षद तिवारी ने बताया खड़े हनुमानजी का मंदिर काफी पुराना है। काले पत्थर से बना मंदिर और मंदिर की मूर्ति परमार कालीन है। तब से मंदिर यहीं है। महाकाल की सवारी भी जबसे निकल रही है इसी रास्ते से गुजरती रही है। इतिहास के दस्तावेजों में ढूंढें तो इस मंदिर का उल्लेख भी मिल जाएगा।

मंदिर यहीं रहने दो, हमारे रक्षक हैं खड़े हनुमानजी: खड़े हनुमानजी हमारे रक्षक हैं। वे सालों से हमारी रक्षा के लिए यहीं खड़े हैं। प्रशासन प्रयास कर रहा है परंतु हटा नहीं पाया है। वे आज भी अटल खड़े हैं। हमारी इच्छा है खड़े हनुमानजी यहीं रहें।
अश्विन पोरवाल, छतरीचौक

मंदिर यहीं रहना चाहिए। दिनभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। चहल-पहल बनी रहती है। खड़े हनुमानजी के कारण यहां के लोगों के कार्यों में विध्न भी नहीं आता। लोगों की मूर्ति के प्रति श्रद्धा है।
हितेष कुमरावत, छतरीचौक

मूर्ति बहुत पुरानी है। दर्शन के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। कई माताएं अपने बीमार बच्चों को लेकर आती हैं। हनुमानजी के आशीर्वाद से बच्चे ठीक भी हो जाते हैं। हमारी इच्छा है मूर्ति यहीं रहे। खड़े हनुमानजी से हमारी पहचान है। खड़े हनुमानजी हमारी शान हैं।
शंकर कुंदलानी, छतरी चौक

मंदिर यहीं रहना चाहिए। प्रशासन चाहे तो मंदिर हटा दे परंतु मूर्ति यहां रहने दे। हम मूर्ति के रोज दर्शन करते हैं। दिन की शुरुआत खड़े हनुमानजी के दर्शन के बाद ही होती है।
किशोर विजवानी

पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी पहुंचे दर्शन के लिए

छतरी चौक से मूर्ति हटाने का मामला चर्चित हो गया है। मूर्ति का स्थान बदलने से पहले इसी स्थान पर लोग खड़े हनुमानजी के दर्शन करना चाहते हैं। मंगलवार और बुधवार को पुलिस और प्रशासन सेवा से सेवानिवृत्त हुए कई अधिकारी खड़े हनुमानजी दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर परिसर में मौजूद विहिप पदाधिकारियों से चर्चा कर वस्तुस्थिति की जानकारी ली।

बाहर से आने वाले भी पहुंच रहे हैं खड़े हनुमान मंदिर
भगवान महाकालेश्वर दर्शन के लिए बाहर से उज्जैन आने वाले श्रद्धालुजन भी बड़ी संख्या में खड़े हनुमान मंदिर पहुंच रहे हैं। दुबई से आई महिला बुधवार को परिजन के साथ छतरीचौक पहुंचीं और लाइन में लगकर खड़े हनुमानजी के दर्शन किए। इसी तरह बुधवार को अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के कार्यक्रम में आए संतों ने खड़े हनुमान मंदिर पहुंचकर दर्शन किए। बुधवार को बाहर से आने वाले दर्शनार्थियों में दक्षिण भारतीय परिवारों की संख्या ज्यादा थी।

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