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महाकाल मंदिर की रिकॉर्डतोड़ कमाई एक साल में एक अरब का दान आया

13 करोड़ के स्वर्ण-रजत आभूषण भी अर्पित, 5.50 करोड़ से अधिक दर्शनार्थी आए

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री महाकालेश्वर मंदिर में महाकाल लोक के लोकार्पण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या और दान के सभी पुराने रिकॉर्ड टूट गए हैं। वर्ष 2025 के शुरुआत से लेकर अब क मंदिर की आय 1 अरब 7 करोड़ रुपए के पार पहुंच गई है। यह आय 1 जनवरी से 15 दिसंबर तक दानपेटी और शीघ्र दर्शन से हुई है। इसके अलावा कुल 1483.621 ग्राम सोना (1.82 करोड़ रुपए) और 592.366 किलो चांदी (11.85 करोड़ रुपए) के आभूषण भी मिले हैं।

मंदिर सूत्रों के अनुसार इस वर्ष 1जनवरी से 15 दिसंबर तक मंदिर परिसर में लगी भेंट पेटियों से कुल 43 करोड़ 43 लाख रुपए की नकद राशि मिली है, जबकि 250 रुपए की शीघ्र दर्शन व्यवस्था से मंदिर समिति को करीब 64 करोड़ 50 लाख रुपए की आय हुई है। केवल भेंट पेटी और शीघ्र दर्शन को मिलाकर कुल आय 107 करोड़ 93 लाख रुपए तक पहुंच गई है। इसमें भस्मार्ती, अभिषेक और अन्न क्षेत्र जैसी अन्य सेवाओं की आय शामिल नहीं है। वर्ष 2024 की तुलना में इस साल 193 किलो चांदी अधिक प्राप्त हुई है। पिछले साल २०२४ में हुई 92 करोड़ की तुलना में अब तक 15 करोड़ रुपए अधिक आय हुई है, जबकि इस साल के आखिरी १५ दिन का रिकॉर्ड जुडऩा अभी बाकी है।

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2025 के आय के आंकड़े

1 जनवरी से 15 दिसंबर तक भेंट पेटी और शीघ्र दर्शन से महाकाल मंदिर को 11 माह 15 दिन में 107 करोड़ 93 लाख रुपए की आय।

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 दान पेटियों से 43 करोड़ 43 लाख रुपए।

शीघ्र दर्शन व्यवस्था से 64 करोड़ 50 लाख।

13 करोड़ से अधिक के आभूषण दान आए

श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ी
महाकाल लोक बनने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में भी भारी वृद्धि हुई है। अब सामान्य दिनों में 1.20 लाख और वीकेंड पर पौने दो लाख तक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मंदिर समिति सूत्रों के मुताबिक १ जनवरी से 15 दिसंबर तक 5.50 करोड़ श्रद्धालु दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे हैं।

इनका कहना
श्री महाकालेश्वर मंदिर आने वाले दर्शनार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उसी मान से मंदिर में दान, भेंट राशि आदि में भी बढ़ोत्तरी हो रही है। मंदिर समिति दर्शनार्थियों की सुविधाओं में बढ़ोत्तरी के लिए लगातार प्रयासरत है।
-आशीष फलवाडिय़ा, सहायक प्रशासक

मंगलनाथ : एक दिन में 1700 भात पूजा
मंगलनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या ने आय के पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मंगल दोष शांति के लिए विख्यात इस मंदिर में हाल ही में हुई गणना के अनुसार भात पूजा और विशेष दर्शन टिकटों के माध्यम से समिति को एक ही दिन में मंगलवार 23 दिसंबर को 3.84 लाख रुपए से अधिक की रिकॉर्ड आय प्राप्त हुई है। मंदिर प्रबंधक के.के. पाठक ने बताया कि मंगल दोष निवारण के लिए की जाने वाली भात पूजा व अन्य अनुष्ठानों के लिए मंदिर पर 23 दिसंबर को 1,735 शासकीय रसीदें काटी गईं। विभिन्न पूजन और रसीदों के माध्यम से मंदिर प्रबंध समिति को 3 लाख 84 हजार 200 रुपए की आय प्राप्त हुई है जो कि रिकॉर्ड है।

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