रोड चौड़ीकरण : शाही मस्जिद का हिस्सा हटेगा, हाई कोर्ट में 2 याचिकाएं खारिज

12 खोली का मामला भी सुलझा, उचित मुआवजा देकर हटाए जा सकेंगे बचे हुए मकान
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। कंठाल चौराहा-छत्रीचौक चौड़ीकरण के दायरे में आ रही शाही मस्जिद का हिस्सा हटाने का रास्ता साफ हो गया है। हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने इस संबंध में दायर दोनों याचिकाओं को खारिज कर दिया है और निगम को चौड़ीकरण करने की इजाजत दे दी है।
दरअसल शहर के सबसे व्यस्तम मार्गों में से एक गोपालमंदिर-छत्रीचौक पर शाही मस्जिद स्थित है। कंठाल चौराहा से छत्री चौक तक किए जा रहे चौड़ीकरण के दायरे में मस्जिद का करीब 11 फीट का हिस्सा आ रहा है। इस संबंध में निगम के बिल्डिंग ऑफिसर मस्जिद प्रबंधन को नोटिस भी जारी कर चुके हैं। मस्जिद प्रबंधन ने भी अपना जवाब नगरनिगम को दे दिया है। दूसरे नोटिस के बाद मस्जिद की तरफ से दो याचिकाएं हाईकोर्ट में दाखिल की गई थीं।
इनमें से एक शाही मस्जिद वक्फ पंचायत मोचियान और दूसरी शाही मस्जिद इंतजामिया कमेटी की थी। पहली वाली में नगरनिगम, टीएनसीपी के ज्वाइंट डायरेक्टर, शासन को प्रतिवादी बनाया गया था, जबकि दूसरी में नगरनिगम, शासन और वक्फ बोर्ड को। सिंगल बेंच के जस्टिस संदीप एन. भट्ट ने दोनों याचिकाओं पर सुनवाई की और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर करने के लिए सड़क चौड़ीकरण की इजाजत दे दी।
मस्जिद प्रबंधन ने 100 साल पुराने दस्तावेज किए थे पेश
मस्जिद प्रबंधन ने कोर्ट में 100 साल पुराने दस्तावेज पेश किए थे। इसमें बताया कि सिंधिया रियासत के जमाने में मस्जिद के लिए जमीन दी गई थी। इसमें 1975 में हुए सड़क चौड़ीकरण में भी मस्जिद की जमीन देने का हवाला दिया गया था।
इधर, बारहखोली मामले में उचित मुआवजा देने का आदेश
हरिफाटक ब्रिज के समानांतर नए ब्रिज निर्माण के मामले में हाई कोर्ट गए बारहखोली के लोगों को बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने प्रभावितों को उचित मुआवजा देने के बाद ही जमीन से हटाने के आदेश दिए है। इस आदेश के बाद बारहखोली प्रभावितों को अधिक मुआवजा मिलने का रास्ता साफ हो गया है। ब्रिज के तीन पिलर बारहखोली पर आ रहे हैं। बारहखोली के पांच निर्माण तो हट गए थे, बाकी के डटे हुए थे। अब इनके भी हटने का रास्ता साफ हो गया है।
दोनों प्रोजेक्ट शहर के लिए अहम
हाई कोर्ट पहुंचे दोनों प्रोजेक्ट शहर के ट्रैफिक के लिए अहम है। महाकाल लोक बनने के बाद श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ रही है और इस वजह से हरिफाटक ओवरब्रिज पर दबाव भी बढ़ रहा है। अक्सर इस ब्रिज पर जाम के हालत रहते हैं। समानांतर नया ब्रिज बनने से जाम से मुक्ति मिलने की उम्मीद है। इसी तरह छत्रीचौक-गोपाल मंदिर क्षेत्र में भी यातायात का दबाव काफी है। खासकर दिन के समय यहां से निकलना चुनौती भरा होता है। चौड़ीकरण होने से मार्ग पर यातायात सुगम होने की संभावना बढ़ जाएगी।







