राजसी सवारी: ठाट-बाट से निकले बाबा को निहारने के लिए पहुुंचे 8 लाख श्रद्धालु

सावन-भादौ की छठी सवारी में उमड़ा सैलाब
पुराने शहर में नहीं पैर रखने की जगह, जिस राह से गुजरी पालकी, वह फूलों पटी
झांकी में दिखी सिंहस्थ की झलक, भजन मंडलियों ने छेड़ी समधुर तान
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सावन-भादौ मास में निकलने वाली बाबा महाकाल की राजसी सवारी में सोमवार को श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। करीब आठ लाख से ज्यादा लोग अपने आराध्य की एक झलक पाने के लिए सड़क पर घंटों इंतजार करते रहे। भोले शंकर भोलेनाथ, बम, बम के नारों के बीच पालकी में बैठे बाबा ने दुल्हन की तरह सजे 7 किलोमीटर लंबे मार्ग का भ्रमण किया। राजसी सवारी में सिंहस्थ की झलक भी दिखाई दी। 70 से ज्यादा भजन मंडलियां अपने तरानों से माहौल को शिवमय करती रहीं। सवारी अपने तय समय से आधा घंटे पहले ही शहर भ्रमण कर श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुुंच गई।
यहां रहा सवारी में खास
चंद्रमौलेश्वर पालकी में
मनमहेश गजराज सुमा पर
उमा महेश नंदी रथ पर
शिवतांडव गरुड़ रथ पर
होल्कर मुखारविंद डोल रथ
सप्तधान्य रथ पर
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिङ्क्षधया के किया पूजन
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गोपाल मंदिर पर बाबा की पालकी का पूजन किया। वे सिंधिया परिवार की परंपरागत टोपी पहने नजर आए। करीब पांच मिनट तक उन्होंने बाबा की आरती।









