सिंहस्थ स्नान : रोजाना छह किलोमीटर पैदल चलकर घाट की स्नान व्यवस्था परख रहे अफसर

वाकणकर ब्रिज से कालभैरव तक देखें घाट
अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। सिंहस्थ २०२८ में होने वाले स्नान की व्यवस्था देखने के लिए प्रशासनिक अमला काफी मशक्कत कर रहा है। रविवार को अफसरों ने वाकणकर ब्रिज के पास से दौरे की शुरुआत की और कालभैरव तक का एरिया देखा। इस दौरान घाटों के एंट्री और एग्जिट पाइंट देखें गए। हर २०० मीटर पर घाट की एंट्री और एग्जिट होगी।
संभागायुक्त आशीषसिंह, कलेक्टर रौशनकुमार सिंह, यूडीए सीईओ संदीप सोनी, एमपीआईडीसी के ईडी राजेश राठौर, जल संसाधन और लोक निर्माण विभाग की टीम के साथ वाकणकर ब्रिज के पास पहुंचे। टीम ने शिप्रा के लेफ्ट बैंक (उस पार) से अपना मुआयना शुरू किया। कच्चा मसान, नावघाट, गऊघाट के सामने से होती हुई टीम लालपुल के नीचे पहुंची। यहां से शिप्राकिनारे चलते हुए भूखी माता घाट पर पहुंचकर थोड़ा ठहराव किया।
करीब ढाई किलोमीटर की दूरी तय करने में टीम को डेढ़ घंटा लगा। भूखी माता पर थोड़ा रुकने के बाद एक बार फिर टीम ने चलना शुरू किया और दत्त अखाड़ा, सुनहरी घाट, चक्रतीर्थ, ऋणमुक्तेश्वर, भृतहरि गुफा के सामने से होते हुए कालभैरव मंदिर के पास पहुंची। इस दौरान उबड़-खाबड़ और ऊंचे-नीचे रास्तों से गुजरना पड़ा। कहीं नाले कूदने पड़े और कहीं चढ़ाई भी चढऩी पड़ी। सोमवार को कालभैरव के आगे से निरीक्षण शुरू होगा।
यूडीए सीईओ ने चप्पल की जगह पहने जूते
छह किलोमीटर के उबड़-खाबड़ रास्ते पर शनिवार को भारी मशक्कत करने वाले यूडीए सीईओ संदीप सोनी ने रविवार को दौरे में चप्पल की जगह जूते पहने। हालांकि नदी किनारे के खाल वाले एरिया में चढ़ाई करने में उन्हें खासी परेशानी आई। संभागायुक्त आशीषसिंह और कलेक्टर इस मामले में काफी फिट निकले। दोनों ने दौड़-दौडक़र ऊंचाई नाप डाली।
टीम क्या देख रही है
दरअसल शिप्रा के किनारे पर २९ किलोमीटर लंबे नए घाट और ९ किलोमीटर लंबे पुराने घाटों को सुधार जा रहा है। करीब ३८ किलोमीटर के इन घाटों पर सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को स्नान कराना और निकालना बड़ी चुनौती रहने वाला है। टीम इसका ही परीक्षण कर रही है।
अब तक के मुआयने में यह सामने आया है कि हर २०० मीटर पर घाटों की एंट्री ओर एग्जिट पाइंट रखे जाएंगे। ताकि श्रद्धालुओं को दिक्कत ना हो।
कल के दौरे में ३० जगह एंट्री-एग्जिट के लिए तय की गई थी।
घाट पर जाने वाले मार्गो पर टॉयलेट, चेंजिंग रूम, पेयजल आदि की व्यवस्था भी की जाएगी।









