साहब… मेरी जमीन को पड़ोसी ने नक्शे में लिविंग रूम बता दिया, नक्शा निरस्त करें

प्रशासनिक संकुल भवन में कलेक्टर ने सुनी आवेदकों की समस्याएं
उज्जैन। कलेक्टर साहब…मेरी जमीन के अगले हिस्से को पड़ोसी ने नक्शे में अपना लिविंग रूम बना लिया है, उसका नक्शा निरस्त करवाएं। यह पीड़ा बहादुरगंज में रहने वाले प्रेमनारायण परमार की है जो मंगलवार को प्रशासनिक संकुल भवन में हुई जनसुनवाई में अपनी समस्या लेकर पहुंचे थे।
उन्होंने कलेक्टर नीरज कुमार सिंह को दिए आवेदन में बताया कि उनके पड़ोसी द्वारा मकान बनाया जा रहा है। उसने मेरी जमीन के फ्रंट भाग को अपने नक्शे में लिविंग रूम दर्शाया है, जबकि उस जमीन पर मेरा अधिकार है। अत: पड़ोसी के मकान के स्वीकृत नक्शे को निरस्त किया जाए। इस पर नगर निगम के झोनल अधिकारी को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
भूखंड का सौदा किया लेकिन रजिस्ट्री नहीं करवाई
विवेकानंद कॉलोनी निवासी जानकी वाधवानी ने आवेदन देकर शिकायत की कि उन्होंने भूखंड का सौदा किया था परंतु जिस व्यक्ति से यह सौदा किया था उसने षड्यंत्रपूर्वक भूखंड का अनुबंध कर अभी तक रजिस्ट्री नहीं करवाई गई है। इस पर एसडीएम को मामले की जांच के निर्देश दिए।
पति मारता है, उससे खर्च दिलवाइए
महिदपुर निवासी मधु बैरागी ने आवेदक देकर पति की शिकायत की। मधु ने बताया कि आए दिन पति मारपीट करता है। इसी से तंग आकर वह कुछ समय से अलग रह रही है। आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है इसलिए पति से भरण-पोषण के लिए खर्च दिलवाया जाए। इस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को आवश्यक कार्यवाही के लिए आवेदन अग्रेषित किया गया।
पात्र हूं…फिर भी लाभ नहीं मिल रहा
ग्राम नाहरिया के अशोक राव ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत की। राव ने बताया कि पीएम आवास योजना में मकान निर्माण के लिए आवेदन भी किया लेकिन अब तक उन्हें इसका लाभ नहीं मिला। इस पर कलेक्टर ने जनपद पंचायत सीईओ को समस्या का निराकरण जल्द करने को कहा।
विक्रम नगर में काफी दिनों से बना हुआ है जलसंकट
विक्रम नगर रोड के रहवासियों पानी की समस्या लेकर कलेक्टर के सामने पहुंचे। उन्होंने बताया काफी दिनों से क्षेत्र में जलसंकट है। 1 अक्टूबर से बेहद कम समय के लिए जलप्रदाय किया जा रहा है। पानी भी गंदा होता है। इस पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रभारी अधिकारी को शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
दो माह के बाद भी नहीं मिल पाई प्रतिलिपि
ग्राम कमेड़ तहसील घट्टिया निवासी प्रभुलाल ने आवेदन दिया कि उन्होंने तहसील न्यायालय घट्टिया से दो माह पहले एक प्रकरण में नामांतरण आदेश की प्रतिलिपि चाही गई थी, लेकिन आज तक उन्हें जानकारी नहीं मिली है। इस पर तहसीलदार को उचित कार्रवाई के लिए कलेक्टर ने निर्देशित किया।









