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बाढ़ के पानी में सोमवती अमावस्या का पर्व स्नान

शिप्रा और सोमतीर्थ कुंड ओवरफ्लो, हजारों श्रद्धालु पहुंचे, पूजन-अर्चन कर दान-पुण्य भी किया

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। जिले में हो रही बारिश के कारण शिप्रा नदी में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। पानी छोटे पुल से 4 फीट ऊपर बह रहा है वहीं दूसरी ओर सोमवार सुबह से हजारों की संख्या में श्रद्धालु सोवमती अमावस्या का पर्व स्नान करने शिप्रा नदी पहुंचे जिन्हें पुलिस व होमगार्ड जवानों ने नदी में स्नान करने से रोक दिया। इधर सोमतीर्थ कुंड में भी बारिश और बाढ़ का पानी ओवरफ्लो होकर बह रहा था। पीएचई द्वारा यहां श्रद्धालुओं को स्नान के लिये फव्वारे लगाये गये हैं।

सुबह से ही पहुंचना शुरू हो गए थे श्रद्धालु

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भादौ मास की अमावस्या पर हजारों की संख्या में ग्रामीणजन सोमतीर्थ कुंड व शिप्रा नदी में स्नान के लिये सुबह से पहुंचना शुरू हो चुके थे। पुलिस प्रशासन द्वारा भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिये तैयारियां की गई थी। शिप्रा नदी के रामघाट, दत्त अखाड़ा घाट, सुनहरी घाट पर बाढ़ का पानी होने के कारण लोगों को स्नान की अनुमति नहीं दी गई। उसके बावजूद अनेक लोग सुनहरी घाट के पीछे ओटले पर बैठकर और बड़े पुल के नीचे स्थित घाट पर स्नान कर रहे थे। इधर सोमवती अमावस्या पर सोमतीर्थ कुंड में स्नान का महत्व पुराणों में बताया गया है।

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इसी के चलते अधिकांश श्रद्धालु कुंड में स्नान के लिये पहुंचे जहां पीएचई द्वारा कुंड के तीन ओर फव्वारे लगाये गये थे। एक ओर महिलाओं के लिये स्नान की सुविधा और कुंड के ऊपर खुले स्थान पर वस्त्र बदलने के लिये टेंट लगाया गया है। यहां नगर निगम, पीएचई, स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौजूद रही। श्रद्धालुओं ने पर्व स्नान के बाद अनाज, रुपये आदि दान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। महिलाओं ने सोमतीर्थ कुंड के पास स्थित मंदिर के पास पीपल के वृक्ष की परिक्रमा कर परिवार की सुख समृद्धि की कामना कर पूजन किया।

कर्कराज, भील समाज पार्किंग खाली, मेला ग्राउंड फुल

यातायात पुलिस द्वारा शाही सवारी और सोमवती अमावस्या पर्व स्नान के मद्देनजर 6 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाते हुए यातयात का प्लान बनाया था जिसके अंतर्गत इंदौर रोड़, देवासरोड़ की तरफ से आने वाले वाहनों को कर्कराज पार्किंग और भील समाज धर्मशाला ग्राउण्ड पार्किंग में वाहनों को खड़ा किया जाना था।

दोपहर 12 बजे तक उक्त पार्किंग पूरी तरह खाली पड़े थे। खास बात यह कि पार्किंग स्थल पर ही स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी तैनात किया गया था। बडऩगर से ड्यूटी करने आईं नर्सेस ने बताया कि हमें सुबह 7 बजे का समय दिया गया था। तभी से यहां आए हैं लेकिन यहां न तो बैठने के लिये टेंट, कुर्सी हैं न पीने के पानी की व्यवस्था। यहां रहने वाले लोगों ने नर्सेस को बैठने के लिये कुर्सियां दीं।

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