भावांतर नहीं, एमएसपी पर खरीदी जाए सोयाबीन : भकिसं

उज्जैन। भारतीय किसान संघ के अध्यक्ष कमलसिंह आंजना ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का सबसे बड़ा सोयाबीन उत्पादक राज्य है। मौसम की मार व सोयाबीन के दाम कम होने से यहां के सोयाबीन उत्पादक परेशानी में हैं। ऐसे में प्रदेश में सोयाबीन खरीदी भावांतर से नहीं एमएसपी पर होनी चाहिए।

मीडिया से आंजना ने कहा कि भारतीय किसान संघ के तीनों प्रांत मालवा, मध्यभारत व महाकौशल के पदाधिकारी चाहते हैं कि प्रदेश में सोयाबीन की खरीदी एमएसपी पर हो। केंद्र सरकार ने सोयाबीन की एमएसपी 5328 रुपए तय की है। संघ चाहता है कि राज्य सरकार इस संबंध में केंद्र सरकार को सोयाबीन खरीदी का आग्रह पत्र भेजे, ताकि एमएसपी खरीदी के पंजीयन शुरू हो सके।
भावांतर में नहीं मिली पांच साल से राशि: आंजना ने बताया कि भावांतर योजना के तहत उपज बेचने वाले किसानों को 2018 से राशि नहीं मिली है। उज्जैन जिले के किसानों के ही 13 करोड़ रुपए बकाया है।
सर्वे कर अतिवृष्टि का मुआवजा मिले: आंजना ने कहा कि इस बार अतिवृष्टि व पीला मोजेक के कारण सोयाबीन फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। इससे उत्पादन घटा है। ऐसे में फसलों सर्वे तत्काल शुरू करना चाहिए।









