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स्टैनजिन जिग्मेट की फिल्म ने रचा इतिहास, जीता स्टूडेंट ऑस्कर गोल्ड

लद्दाख के दूर-दराज के गांव मुलबेख के होनहार स्टैनजिन जिग्मेट ने वो कर दिखाया है, जो बड़े-बड़े भारतीय फिल्‍ममेकर्स नहीं कर पाए। जी हां, स्टैनजिन जिग्मेट ने देश का नाम रोशन करते हुए 53वें स्टूडेंट एकेडमी अवार्ड्स (Student Oscars) समारोह में गोल्‍ड जीता है। उन्‍हें यह सम्‍मान उनकी शॉर्ट फिल्‍म ‘द ड्रैगन लेटर’ के लिए मिला है। यह देश के लिए ना सिर्फ गौरव का पल है, बल्‍क‍ि एक ऐतिहासिक उपलब्‍ध‍ि भी, क्‍योंकि इससे पहले यह कारनामा किसी भारतीय ने नहीं किया था।

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53वें स्टूडेंट एकेडमी अवार्ड्स की घोषणा बीते महीने अगस्त में हुई थी, जबकि सोमवार को पुरस्‍कार दिए गए हैं। स्टैनजिन जिग्मेट ने अब इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के जरिए अपनी खुशी जाहिर की है। उनके पोस्‍ट के कमेंट सेक्शन में जमकर तारीफ, बधाइयां और शुभकमानाओं की झड़ी लग गई है।

स्टैनजिन जिग्मेट ने भी जीत पर जताई खुशी

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स्टैनजिन जिग्‍मेट ने इंस्‍टाग्राम पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, ‘द ड्रैगन लेटर ने स्टूडेंट एकेडमी अवॉर्ड 2026 जीता है। भारतीय हिमालय में लद्दाख के दूर-दराज गांव मुलबेख से लेकर एकेडमी तक का यह सफर अभी भी अविश्वसनीय लगता है। यह अवॉर्ड मेरे परिवार, दोस्तों, कास्ट, क्रू, पिक्सेल चैलेंजर फिल्म्स, और उन सभी लोगों का है जिन्होंने मुझ पर और इस बेहद निजी कहानी पर भरोसा किया। हम कहां से आते हैं यह इस बात को सीमित नहीं करता कि हमारी कहानियां कितनी दूर तक जा सकती हैं।’

स्टैनजिन जिग्मेट कौन हैं

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स्टैनजिन जिग्मेट भारतीय हिमालय के दूर-दराज गांव मुलबेख के रहने वाले फिल्‍ममेकर हैं। वह एक डायरेक्टर और स्क्रीनराइटर हैं। स्‍टैनजिन ने बार्सिलोना, स्पेन के ESCAC से फिल्म डायरेक्शन में मास्टर डिग्री हासिल की है। वह शॉर्ट फिल्में बनाते हैं। उनकी कहानी कहने की कला भी थोड़ी अलग है। वह कम डायलॉग्‍स के साथ कहानी में भावनाओं पर जोर देते हैं।

स्‍टैनजिन जिग्‍मेट की पिक्सेल चैलेंजर फिल्म्स

स्‍टैनजिन जिग्‍मेट ने लद्दाख में ही अपने प्रोडक्शन हाउस ‘पिक्सेल चैलेंजर फिल्म्स’ की स्थापना की है, जो सिनेमा-ग्रेड और कहानी कहने वाले विजुअल प्रोजेक्ट्स में माहिर है। इसी के बैनर तले बनी शॉर्ट फिल्‍म ‘द ड्रैगन लेटर’ है, जिसने स्टूडेंट एकेडमी अवॉर्ड्स में गोल्ड जीता है।

‘द ड्रैगन लेटर’ की कहानी

53वें स्टूडेंट एकेडमी अवार्ड्स में गोल्‍ड जीतने वाली शॉर्ट फिल्‍म ‘द ड्रैगन लेटर’ एक 10 साल के बच्‍चे की कहानी है। यह बच्‍चा हिमालय की पहाड़ियों में बसे एक बेहद सख्‍त नियमों वाले बोर्डिंग स्कूल में पढ़ता है। शर्मीले स्‍वभाव का यह बच्‍चा, विदेश में रहने वाले अपने एक स्पॉन्सर चिट्ठी लिखना चाहता है। लेकिन यह आसान नहीं है। पूरी शॉर्ट फिल्‍म उसकी चिट्ठी लिखने की कोशिश और मुश्किलों की कच्ची और अधूरी कोशिश के बारे में है। फिल्‍म में डायरेक्‍टर स्‍टैनजिन जिग्‍मेट ने इंसानी जुड़ाव के ऐसे भाव दिखाए हैं, जो दिल छू लेते हैं।

स्‍टैनजिन जिग्‍मेट को लोग दे रहे बधाइयां

स्‍टैनजिन जिग्‍मेट के इंस्‍टाग्राम पोस्‍ट पर एक यूजर ने बधाई देते हुए लिखा, ‘इतिहास रचने के लिए जिग्मेट को बधाई। हमें आप पर बहुत गर्व है। अब 99वें ऑस्कर के लिए बेस्ट विशेज।’ एक अन्य यूजर ने कमेंट किया, ‘यह बहुत अच्छी खबर है। बधाई हो और क्या इसकी कोई स्क्रीनिंग या प्रीमियर है?

टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ स्टूडेंट एकेडमी अवार्ड्स

साल 2026 का स्टूडेंट एकेडमी अवार्ड्स समारोह सोमवार 14 सितंबर को टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (TIFF) में आयोजित किया गया था। इस साल स्टूडेंट एकेडमी अवार्ड्स प्रतियोगिता में दुनिया भर के 894 कॉलेजों और यूनिवर्सिटि से 2,972 एंट्रीज मिलीं। अवॉर्ड सेरेमनी में एकेडमी के CEO बिल क्रेम, एकेडमी डायरेक्टर्स ब्रांच के गवर्नर और एकेडमी म्यूजियम के ट्रस्टी जेसन रीटमैन, एकेडमी फाउंडेशन बोर्ड की प्रेसिडेंट और कास्टिंग डायरेक्टर्स ब्रांच की गवर्नर किम टेलर-कोलमैन, डॉक्यूमेंट्री ब्रांच की सदस्य लिज गारबस और एक्‍टर्स ब्रांच के सदस्य गेल गार्सिया बर्नल शामिल थे।

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