आतंकी हमले से निपटने को तैयार नहीं मंदिर सुरक्षा गार्ड

सांसद फिरोजिया ने फिर उठाई मंदिर सुरक्षा के लिए केंद्रीय बल की मांग

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। पड़ोसी जिले देवास से प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक संदिग्ध आतंकी की गिरफ्तारी के बाद, श्री महाकालेश्वर मंदिर की सुरक्षा को लेकर सांसद अनिल फिरोजिया ने एक बार फिर केेंद्रीय सुरक्षा एजेंसी को तैनात करने की मांग उठाई है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर यहाँ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की तैनाती करने की मांग की है। उन्होंने पत्र में इस बात पर जोर दिया है कि वर्तमान में यहां आने वाले लाखों दर्शनार्थी और सिंहस्थ की तैयारी के तहत मंदिर परिसर की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर चूक की गुंजाइश नहीं होना चाहिए। इसके लिए केंद्रीय बल को सुरक्षा व्यवस्था सौंपना ही उपयुक्त है।
10 करोड़ सालाना खर्च, हमले से बचने की तैयारी नहीं
हम बता देें कि महाकाल मंदिर की सुरक्षा के लिए मंदिर समिति ने निजी कंपनी को २० करोड़ रुपए में 2 साल के लिए हायर किया है। कंपनी के करीब 1000 कर्मचारी मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था संभालते हैं। सूत्रों के मुताबिक यह निजी सुरक्षा गार्ड किसी हमले का जबाव देने के लिए ट्रैंड नहीं हैं, खासकर किसी आतंकी हमले जैसे मौके के लिए। हालांकि आज तक कभी ऐसे हालात भी नहीं बने हैं लेकिन मंदिर के आसपास कहीं भी श्री राम मदिर अयोध्या, काशी विश्वनाथ, सोमनाथ, तिरुपति बालाजी, मां वैष्णो देवी जैसे सुरक्षा इंतजाम नहीं है। जबकि दर्शनार्थियों की संख्या के मान से श्री महाकालेश्वर मंदिर इन बड़े मंदिरों की श्रेणी में है। मंदिर में जो गार्ड मौजूद हैं उन्हें हथियार चलाना तो दूर ठीक से लाठी घुमाना भी नहीं आती।
होमगार्ड कंपनी को मिल चुकी है हरी झंडी
म हाकाल मंदिर की सुरक्षा के लिए मप्र सरकार होमगार्ड कंपनी को जनवरी में हरी झंडी दे चुकी है। अक्टूबर 2025 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के बाद महाकाल मंदिर के लिए मप्र सरकार ने होमगार्ड की चार विशेष कंपनियों के गठन के प्रस्ताव को 24 जनवरी 2026 को हरी झंडी दे दी है। इसके तहत कुल 488 जवानों का एक विशेष बल तैनात किया जा रहा है। होमगार्ड मुख्यालय भोपाल से इसकी आधिकारिक मंजूरी का प्रस्ताव गृह विभाग को भेजा जा चुका है। छह महीने बाद भी इसकी भर्ती प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। इन 488 जवानों को 122-122 की चार विशेष कंपनियों में विभाजित किया गया है। इस विशेष सुरक्षा बल के वेतन और भत्तों का पूरा खर्च महाकाल मंदिर प्रबंध समिति द्वारा उठाया जाएगा। नए सुरक्षा कैडर की सबसे अनोखी और बड़ी विशेषता यह है कि इन जवानों का अपने पूरे सेवाकाल के दौरान कहीं और स्थानांतरण नहीं किया जा सकेगा।
इनका कहना
मंदिर की सुरक्षा में हम पूरी तरह तैनात हैं। बेहतर व्यवस्था के लिए वरिष्ठ अधिकारी जो निर्णय लेंगे वो मंजूर है।
– दिलीप बामनिया, प्लाटून कमांडेंड, मंदिर सुरक्षा अधिकारी









