जो होटल नॉनवेज भोजन के लिए प्रसिद्ध उसी में कर दिया आयोजन

JITO उज्जैन यूथ चैप्टर सवालों के कठघरे में, जैन धर्म के सिद्धांतों के उल्लंघन का आरोप

जैन संत पारसमुनि जी बोले: नॉनवेज वाली जगह पर जाना भी जैन पंरपरा में निषेध
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (जीतो) का उज्जैन यूथ चैप्टर अपने आयोजन के वेन्यू को लेकर सवालों के कठघरे में है। बीते दिनों उज्जैन के इंदौर रोड स्थित एक होटल में जीतो उज्जैन के यूथ चैप्टर का कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिस होटल में यह कार्यक्रम हुआ वह शहर में वेज-नॉनवेज भोजन से मेहमाननवाजी के लिए जानी जाती है। वेन्यू के चयन पर सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि जैन धर्म के मूल सिद्धांतों में से सबसे अहम अहिंसा के सिद्धांत पर यह चयन फिट नहीं बैठता। हालांकि आयोजक कह रहे हैं कि होटल सिर्फ आयोजन के लिए था, कैटरिंग होटल की नहीं की थी। मेहमानों को सिर्फ जैन फूड ही परोसा गया था।
दरअसल, जीतो ने उज्जैन यूथ चैप्टर का गठन किया है। इसमें अविनाश सुराना चेयरमैन और अभिव्यक्त कोठारी सचिव बनाए गए हैं। चैप्टर गठन के लिए उज्जैन में कार्यक्रम था और जीतो अपेक्स के डायरेक्टर हितेंद्र मेहता, जोन सेक्रेटरी दिलीप सी जैन, जोन कन्वीनर प्रखर मेहता और प्रतीक सूर्या शामिल हुए थे। इंदौर रोड स्थित इस होटल में हाई क्लास सुविधाओं के साथ मिकस्ड फूड परोसा जाता है। अहिंसा का पालन करने वाले जैन समाज के स्थानीय लोग आयोजन स्थल को लेकर नाराज है। इनका मानना है कि ऐसी जगह आयोजन नहीं किया जाना चाहिए था जहां होटल के एक हॉल में कार्यक्रम हो और दूसरे में नॉन वेज बन रहा हो।
जैन परिवार विवेक रखें नॉनवेज वाली जगह से बचे
जैन परिवारों को विवेक रखने की आवश्यकता है। जो परिवार, अपना कोई भी कार्यक्रम होटलों में करते हैं तो जैनत्व के नाते नॉनवेज होटलों में कार्यक्रम बिल्कुल नहीं करें। क्योंकि ऐसा करने से जनमानस में गलत संदेश जाता है। जैन संत एवं साध्वियां प्रभु महावीर के अहिंसा धर्म के पालन का उपदेश देते हैं और यह कहते हैं नॉनवेज का ना तो सेवन करना है, ना नॉनवेज वाले स्थानों पर कोई कार्यक्रम करना है। अगर फिर भी कोई ऐसा कर रहा है तो वह अपने जैनत्व को दूषित कर रहा है। इसलिए प्रत्येक जैन को ऐसे कार्यों से बचना चाहिए।
पंडित रत्न पारस मुनि जी
( अभी श्री वर्धमान स्थानक भवन सुभाषनगर में विराजे हैं। )
मिकस्ड फूड की जानकारी नहीं थी

जीतो यूथ चैप्टर के उज्जैन का कार्यक्रम स्थानीय इकाई ने आयोजित किया था। आयोजन वाली होटल में नॉन वेज रेस्टोरेंट होने की जानकारी हमें नहीं थी। हम तो गेस्ट के तौर पर ही कार्यक्रम में शरीक हुए थे। हमने तो वही फूड लिया, जो आयोजकों ने उपलब्ध कराया था।-प्रतीक सूर्या, इंदौर
दूसरा वेन्यू नहीं मिला, जैन फूड परोसा

दरअसल जिस तारीख पर आयोजन था, उस दिन शहर में प्रशासनिक कार्यक्रम था। दूसरे होटल बुक थे। ऐसे में इस होटल को मजबूरी में चुना गया। हालांकि कैटरिंग की व्यवस्था उज्जैन चैप्टर ने बाहर से की थी और इसमें पूरी तरह जैन फूड ही परोसा गया। आलू-प्याज तो छोडि़ए एक भी जमीकंद तक का उपयोग नहीं किया गया। अविनाश सुराना, अध्यक्ष जीटो यूथ चैप्टर उज्जैन
जानिए क्या है जीतो और क्यों है ख्यात
2007 में स्थापित जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन जैन व्यापारियों, उद्योगपतियों और पेशेवरों का वैश्विक गैर लाभकारी संगठन है। यह व्यापार, सामाजिक कल्याण, शिक्षा, जीवन मूल्य, अहिंसा और आध्यात्मिकता के क्षेत्र में काम करता है। ऑर्गनाइजेशन में तीन विंग मेन्स, लेडीज और यूथ होती हैं। संस्था गरीब बच्चों की पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद करती है। बड़े शहरों में हॉस्टल-कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराती है। इन हॉस्टल जैन धर्म के सिद्धांतों का भी पालन किया जाता है।
कई वेज होटल और जैन भवन मौजूद : उज्जैन में अधिकांश होटल प्योर वेज रेस्टोरेंट के साथ ही संचालित होते है। जिनके पास एयर कंडिशन्ड बड़े हॉल हैं, साथ ही जैन समाज के कई छोटे-बड़े परिसर हैं। इनमें तपोभूमि, विद्यासागर भवन, श्री मणिभद्र मंदिर भैरवगढ़, जयसिंहपुरा जैन मंदिर, रंग महल, मोती महल प्रमुख हैं।









