पालकी पूजन स्थल पर महाकाल मंदिर प्रबंधन करेगा शिप्रा आरती

शिप्रा आरती के लिए रामघाट पर झड़प, पुलिस ने सख्ती से पुरोहितों को हटाया
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। रामघाट पर रोजाना होने वाली मां शिप्रा की आरती को लेकर शुक्रवार शाम प्रशासन और तीर्थ पुरोहितों के बीच जबरदस्त तनातनी देखने को मिली। प्रशासन का दावा है कि जिस जगह भगवान महाकाल का पालकी पूजन होता है मंदिर समिति उस जगह शिप्रा आरती करना चाहती है। इसमें किसी को आपत्ति का अधिकार नहीं है। शुक्रवार शाम करीब 6 बजे महाकाल मंदिर समिति की ओर से बटुक रामघाट पर आरती की तैयारी करने पहुंचे और जैसे ही घाट पर पाट बिछाने का काम शुरू हुआ, पंडा समिति के पुरोहितों ने उन्हें घेर लिया और रोकने की कोशिश की। पुलिस ने पुरोहितों को रामघाट से हटा दिया और महाकाल मंदिर समिति के बटुकों से आरती कराई।
हरिद्वार की तरह भव्य बनाना चाहते हैं शिप्रा आरती
एसडीएम पवन बारिया ने बताया कि श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति उस जगह आरती प्रारंभ कर रही है जहां भगवान महाकाल की पालकी का पूजन होता है। ऐसा निर्णय मंदिर प्रबंध समिति ने लिया है। हम लोग उसका पालन कर रहे हैं। आरती रोकने का अधिकार किसी को नहीं है। अन्य घाटों पर हो रही आरती भी प्रशासन ने नहीं रोकी है। एसडीएम ने बताया कि मंदिर समिति उज्जैन में हरिद्वार, अयोध्या और काशी की तर्ज पर शिप्रा आरती को भव्य रूप देना चाहती है। किसी को हटाने या रोकने की मंशा नहीं है, बल्कि आरती के स्वरूप में नवाचार किया जा रहा है। यहां बड़ी एलईडी स्क्रीन और अन्य संसाधनो के जरिए भव्य बनाया जाएगा। मंदिर समिति अब रोज बटुकों के माध्यम से आरती कराएगी।
पंडा समिति आज शाम करेगी जल सत्याग्रह
श्री क्षेत्र पंडा समिति के अध्यक्ष राजेश त्रिवेदी ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा, वर्ष 2015 से तीर्थ पुरोहित लगातार शिप्रा आरती कराते आ रहे हैं। हमने ही पिछले वर्षों में आरती के स्वरूप को भव्य बनाया है। अब अचानक 11 साल बाद महाकाल मंदिर समिति को यह जिम्मेदारी सौंपना पुरोहितों को उनकी परंपरा से बेदखल करने जैसा है। अधिकारी कहते हैं घाट पर हमारा अधिकार नहीं। हम हमारे पुश्तैनी रिकार्ड अधिकारियों को सौंपेगे। अपनी मांगों को लेकर पंडा समिति के सदस्य शनिवार शाम ४ बजे १ घंटा राम घाट पर जल सत्याग्रह करेंगे। मां शिप्रा के जल में खड़े रहकर प्रशासन को सद्बुद्धि की मांग करेंगे।









