12 साल पहले महाकाल दर्शन करने के बाद गुमशुदा हुआ था शख्स, महाकाल पुलिस को घर पर मिला

तत्कालीन दंतेवाड़ा कलेक्टर ने उज्जैन एसपी को वर्ष 2013 में लिखा था पत्र

उज्जैन। 12 साल पहले जो शख्स भगवान महाकाल के दर्शन करने आया था और उसके बाद गुमशुदा हो गया था, उसे महाकाल पुलिस ने खोज निकाला है। वह सुरक्षित है और बेटी के साथ उनका एक वीडियो भी जारी किया गया है।
दरअसल, 27 जुलाई 2013 को 60 वर्षीय सकुलधर पिता साधुराम निवासी ग्राम छींदनार, थाना गीदम, जिला दंतेवाड़ाA (छत्तीसगढ़) ने थाना महाकाल में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उसका 58 वर्षीय भाई गंगाधर पिता साधुराम मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा कार्यक्रम के तहत भगवान महाकाल के दर्शन करने अन्य श्रद्धालुओं के साथ आया था। यहां दर्शन के बाद वह अचानक लापता हो गया जिसके बाद महाकाल थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मामला जांच में लिया था।
इसी माह 23 अक्टूबर को महाकाल पुलिस ने तकनीकी माध्यमों से छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के गीदम थाने से संपर्क किया। इसके ग्राम छींदनार के सरपंच योगेश कुमार शुक्ला से बात की। इससे पता चला कि उज्जैन से गुमशुदा हुए गंगाधर पिता साधुराम वर्तमान में अपने गांव में ही रह रहे हैं। इसके बाद गंगाधर की बेटी मालती से बात की गई।
भटकते हुए पहुंच गए थे राजस्थान : मालती ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2013 में भगवान महाकाल के दर्शन करने के बाद वे भटक गए थे और राजस्थान पहुंच गए। जहां वह नागौर के पास एक गोशाला में काम करने लगे। करीब 5 सालों तक वे वहीं रहे। बाद में गोशाला संचालक ने छत्तीसगढ़ की ट्रैक्टर एजेंसी से संपर्क किया जिसके बाद उनके पिता को गांव वापस लाया गया तब से वे परिवार के साथ ही रह रहे हैं। उनके साथ किसी प्रकार की घटना-दुर्घटना नहीं हुई बल्कि स्मरण शक्ति कमजोर होने से वे भटक गए। महाकाल पुलिस ने १२ साल से लंबित प्रकरण का गंगाधर के सुरक्षित दस्तयाब के साथ ही निराकरण हो गया।








