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कालभैरव मंदिर का दायरा बढ़ेगा, मंगलनाथ का भी विकास

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। महाकाल के सेनापति कालभैरव का मंंदिर 154 करोड़ रुपए की राशि से नए सिरे से संवारा जाएगा। मंगलनाथ मंदिर में भी दूसरे चरण का काम शुरू होगा और इस पर 117 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। सिंहस्थ मेले के लिए दूसरा प्रशासनिक कार्यालय दत्त अखाड़ा जोन में बनाया जाएगा।

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उज्जैन विकास प्राधिकरण संचालक मंडल ने शुक्रवार को शहर और सिंहस्थ से जुड़े कई विकास कार्यों को मंजूरी दी। संभागायुक्त आशीष सिंह की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में सीईओ संदीप सोनी ने प्रस्ताव की फेहरिस्त रखी और संचालक मंडल ने इन पर स्वीकृति की मोहर लगाई। इसमें सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव कालभैरव मंदिर के विकास का था। श्री महाकालेश्वर मंदिर के बाद दूसरे क्रम पर आने वाले कालभैरव मंदिर को 154 करोड़ रुपए खर्च कर विकसित किया जाएगा। भोपाल के स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड ऑक्टिेक्चर विभाग ने इसका प्लान तैयार किया है। इसमें श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए कई व्यवस्थाएं जुटाने की प्लानिंग की गई है। मंदिर परिसर का आगे से पीछे तक विकास करने की योजना है। इससे मंदिर परिसर का दायरा बढ़ाने की योजना है। इसी तरह मंगलनाथ मंदिर के दूसरे चरण के विकास की योजना को भी मंजूरी दी गई। इस पर 117 करोड़ रुपए की राशि खर्च होगी।

दत्त अखाड़ा जोन में नया सिंहस्थ दफ्तर
सिंहस्थ की व्यवस्थाओं को ठीक से संचालित करने के लिए दत्त अखाड़ा जोन में ४० करोड़ की लागत से नया प्रशासनिक भवन बनाने की मंजूरी भी दी गई। इस भवन के बनने से सिंहस्थ व्यवस्थ सुचारू हो सकेगी।

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