Advertisement

फोन की ये प्ले स्टोर सेटिंग्स तुरंत करें बंद, वरना हो सकता है नुकसान

आज के डिजिटल युग में स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने वाला हर व्यक्ति ऐप्स डाउनलोड करने के लिए केवल एक ही भरोसेमंद प्लेटफॉर्म पर निर्भर रहता है। ज़्यादातर लोग इसे सिर्फ नई गेम या सोशल मीडिया टूल्स ढूंढने का साधन मानते हैं। तकनीकी जानकारों की मानें तो यह आपके मोबाइल की सुरक्षा की सबसे अहम कड़ी है। इसकी गुप्त सेटिंग्स को बदलकर आप अपने डेटा को पूरी तरह सुरक्षित कर सकते हैं।

 

Advertisement

अगर आपके फोन की मेमोरी हमेशा फुल रहती है या प्राइवेसी लीक होने का डर सताता है, तो आपको तुरंत सावधान हो जाना चाहिए। प्ले स्टोर के भीतर कुछ ऐसे हिडन टूल्स मौजूद हैं जो आपके डिवाइस की पूरी परफॉर्मेंस को बदल सकते हैं। इन फीचर्स को एक्टिवेट करके आप अनचाहे खतरों से बच सकते हैं। आइए जानते हैं उन चार लाइफ-सेविंग सेटिंग्स के बारे में जो हर यूजर को पता होनी चाहिए।

1. अवांछित विज्ञापनों और डेटा ट्रैकिंग को रोकने का आसान तरीका:

इंटरनेट पर आप जो कुछ भी सर्च करते हैं, गूगल उसी के आधार पर आपको बार-बार स्पॉन्सर्ड कंटेंट दिखाने लगता है। इस निगरानी को पूरी तरह रोकने के लिए आपको अपने मुख्य गूगल खाते की सेटिंग्स में थोड़ा बदलाव करना होगा। सबसे पहले अपने प्रोफाइल के जरिए ‘डेटा और प्राइवेसी’ वाले मुख्य सेक्शन में प्रवेश करें।

Advertisement

वहां आपको कस्टमाइज्ड विज्ञापनों को मैनेज करने का एक विशेष विकल्प दिखाई देगा। इसके बाद आप अपनी सुविधानुसार वेब और एप्लीकेशन ट्रैकिंग की एक्टिविटी को टर्न ऑफ कर सकते हैं। इस साधारण से बदलाव के बाद कंपनियों के पास आपकी ब्राउज़िंग हिस्ट्री का एक्सेस जाना बंद हो जाएगा और आपकी प्राइवेसी बरकरार रहेगी।

2. वायरस और मैलवेयर हमलों से डिवाइस की लाइव सुरक्षा कैसे करें:

प्ले प्रोटेक्ट दरअसल आपके ऑपरेटिंग सिस्टम का एक बेहद शक्तिशाली और इनबिल्ट एंटीवायरस कवच है। यह बैकग्राउंड में काम करते हुए लगातार संदिग्ध कोडिंग वाले ऐप्स पर नजर रखता है। जैसे ही किसी इंस्टॉल किए गए सॉफ्टवेयर में कोई गड़बड़ी या मैलवेयर की मौजूदगी मिलती है, यह स्क्रीन पर एक चेतावनी जारी कर देता है।

Advertisement

इस सुरक्षा घेरे को एक्टिवेट करने के लिए स्टोर के होम पेज पर जाएं। दाहिने कोने में दिख रहे अपने प्रोफाइल लोगो पर क्लिक करें और प्ले प्रोटेक्ट के विकल्प को चुनें। वहां दिए गए इनेबल बटन को चालू करते ही आपका डिवाइस सुरक्षित हो जाएगा और खतरनाक वायरस खुद-ब-खुद फिल्टर होने लगेंगे।

3. डिलीट किए गए ऐप्स की बची हुई कबाड़ फाइलों को ऐसे करें साफ:

अक्सर हम किसी एप्लीकेशन को स्क्रीन से अनइंस्टॉल तो कर देते हैं, लेकिन उसका छुपा हुआ कैशे डेटा और फोल्डर्स इंटरनल स्टोरेज में ही पड़े रह जाते हैं। ये अदृश्य फाइलें धीरे-धीरे जमा होकर रैम और रोम दोनों की क्षमता को धीमा कर देती हैं, जिससे नया कंटेंट सेव करने में परेशानी होती है।

इस फालतू कचरे को साफ करने के लिए प्ले स्टोर के ‘मैनेज ऐप्स एंड डिवाइस’ मेनू का उपयोग करना चाहिए। वहां अनइंस्टॉल की गई पुरानी फाइलों की सूची को पूरी तरह सिलेक्ट करके क्लाउड और लोकल ड्राइव से रिमूव कर दें। ऐसा नियमित करने से मोबाइल कभी हैंग नहीं होगा और हमेशा नई जैसी स्पीड देगा।

4. बैंक खाते से कटने वाले फालतू ऑटो-डेबिट पैसों को तुरंत रोकें:

कई बार लोग किसी एडिटिंग या पढ़ाई वाले ऐप का फ्री ट्रायल वर्जन ले लेते हैं और समय सीमा समाप्त होने के बाद उसे डीएक्टिवेट करना भूल जाते हैं। नतीजा यह होता है कि हर महीने आपकी परमिशन के बिना ही क्रेडिट कार्ड या यूपीआई से सब्सक्रिप्शन के पैसे कट जाते हैं।

इस अनचाहे वित्तीय नुकसान से बचने के लिए तुरंत अपने पेमेंट्स एंड सब्सक्रिप्शन वाले टैब को चेक करें। वहां चल रहे सभी एक्टिव प्लांस की लिस्ट दिख जाएगी। जिन टूल्स की अब आपको जरूरत नहीं है, उन पर टैप करके ‘कैंसिल सब्सक्रिप्शन’ को चुन लें, ताकि भविष्य में बिना वजह पैसे न कटें।

क्यों है इन प्राइवेसी फीचर्स को तुरंत लागू करना बेहद जरूरी?

इन महत्वपूर्ण टूल्स का सही इस्तेमाल आपके कीमती पैसों की बचत करने के साथ-साथ पर्सनल फाइल्स को चोरी होने से भी बचाता है। यह बाहरी मैलवेयर को ब्लॉक करता है, इंटरनेट ट्रैकिंग को खत्म करता है और आपके फोन के स्टोरेज को हमेशा क्लीन रखता है। इन सेटिंग्स को ऑन करने के बाद आपका एंड्रॉयड एक्सपीरियंस काफी स्मूथ हो जाएगा।

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें