उमा-सांझी महोत्सव में गूंजेगा लोक गायन का स्वर व नृत्य

महाकाल मंदिर में एकादशी 17 से शुरू होगा महोत्सव
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कन्याभोज के साथ अमावस्या को होगा, 23 को निकलेगी सवारी
उज्जैन। श्री महाकाल मंदिर में एकादशी से शुरू होने वाले उमा-सांझाी महोत्सव में इस बार लोक गायन और लोक नृत्य की गूंज रहेगी। धार्मिक आयोजनों के अलावा पांच दिनों तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा भी मंदिर प्रशासन ने तय कर ली है। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रीति देवले के लोक गायन तथा स्वाति उखले की लोक नृत्य की प्रस्तुतियों के साथ होगा।
मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया हर साल की तरह पांच दिवसीय उमा सांझी महोत्सव का शुभारंभ 17 सितंबर को होगा। सुबह घट स्थापना के साथ कार्यक्रम शुरू होगा। मंदिर के पुजारीगण उमा माता की पूजा अर्चना करेंगे। इस दौरान रोज शाम 4 बजे पुजारी, पुरोहित रंगोली रंग और फूलों से सांझी सजाएंगे। इसके बाद वसंत पूजा होगी। शाम 7.30 बजे से सांस्कृतिक संध्या होगी।17 से 21 सितंबर तक पांच दिन कलाकार गीत, संगीत व नृत्य की प्रस्तुति देंगे। 22 सितंबर को कन्या भोज के साथ समापन होगा। 23 सितंबर को उमा माता की सवारी निकलेगी। जो साल में सिर्फ एक बार ही निकाली जाती है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में कलाकार देंगे प्रस्तुति
17 सितंबर : प्रीति देवले लोक गायन, स्वाति उखले लोक नृत्य की प्रस्तुर्ति देंगी।
18 सितंबर : शीला त्रिपाठी बघेली लोकगीत, माधुरी कोडापे की प्रस्तुति होगी।
19 सितंबर: सुंदरलाल मालवीय का लोक गायन, राजेश कुमार लड्डा लोकनृत्य की प्रस्तुति देंगे।
20 सितंबर : रामचंद्र गांगोलिया लोक गायन तथा हिना वासेन की प्रस्तुति होगी।
21 सितंबर : अंकिता केलासिया लोकगायन, मयूरी शर्मा लोक नृत्य तथा विनोद राठौर लोकनृत्य की प्रस्तुति देंगे।









