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UPI पर MDR को लेकर घमासान, मोबाइल दुकानदारों ने वित्त मंत्री से मांगी राहत

UPI पेमेंट पर MDR (Merchant Discount Rate) लगाए जाने की चर्चा के बीच मोबाइल रिटेल कारोबारियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (AIMRA) ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर छोटे और मध्यम मोबाइल दुकानदारों को UPI पेमेंट पर MDR या किसी भी तरह के ट्रांजैक्शन चार्ज से छूट देने की मांग की है।

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एसोसिएशन का कहना है कि मोबाइल रिटेल कारोबार में पहले से ही मुनाफे का मार्जिन काफी कम है। ऐसे में UPI पर अतिरिक्त शुल्क लागू होने से दुकानदारों के खर्च बढ़ेंगे और इसका सीधा असर उनकी कमाई पर पड़ेगा। AIMRA के मुताबिक, संगठन देशभर के करीब 1.50 लाख छोटे मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारियों का प्रतिनिधित्व करता है।

  • वित्त मंत्री को लिखा पत्र

AIMRA ने वित्त मंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि छोटे दुकानदारों के लिए डिजिटल पेमेंट आज कारोबार का अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में UPI लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क आने से उन कारोबारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है, जिनका मुनाफा पहले ही सीमित है। एसोसिएशन ने सरकार से छोटे और मध्यम मोबाइल कारोबारियों के लिए UPI पेमेंट को अतिरिक्त शुल्क से मुक्त रखने की अपील की है।

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  • एसोसिएशन की क्या है मांग?

AIMRA ने सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें छोटे और मध्यम मोबाइल दुकानदारों को UPI MDR से पूरी तरह छूट देना, कम लागत वाली डिजिटल पेमेंट सुविधा उपलब्ध कराना और किसी भी नए पेमेंट चार्ज को लागू करने से पहले व्यापार संगठनों से चर्चा करना शामिल है। इसके अलावा एसोसिएशन ने मोबाइल और रिटेल कारोबार को बढ़ावा देने के लिए सरकार से व्यापक नीतिगत सहयोग देने की मांग भी की है।

  • बढ़ जाएगा खर्च

एसोसिएशन के मुताबिक, यदि UPI लेनदेन पर 0.40% MDR लगाया जाता है तो इसका असर दुकानदारों के मुनाफे पर पड़ सकता है। संगठन का कहना है कि मोबाइल कारोबार में दुकानदारों का शुद्ध मार्जिन आमतौर पर करीब 0.75% से 1.50% तक ही रहता है।

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AIMRA ने उदाहरण देते हुए बताया कि यदि किसी दुकानदार का महीने का UPI कारोबार 10 लाख रुपये है, तो 0.40% शुल्क के हिसाब से करीब 4 हजार रुपये अतिरिक्त खर्च हो सकता है। वहीं 40 लाख रुपये के मासिक UPI कारोबार पर यह राशि करीब 16 हजार रुपये तक पहुंच सकती है।

  • बिक्री भी होगी प्रभावित

एसोसिएशन का कहना है कि मोबाइल रिटेल कारोबार पहले से ही बिक्री और मार्जिन से जुड़ी कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में UPI पर अतिरिक्त शुल्क लगने से छोटे दुकानदारों की परेशानी और बढ़ सकती है। AIMRA ने सरकार से इस मामले पर दोबारा विचार करने की अपील की है। संगठन का कहना है कि डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के साथ छोटे कारोबारियों के सीमित मार्जिन को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

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