उर्दूपुरा : पुराना मकान गिरा, 3 मजदूर दबे

लोगों ने मलबे से निकालकर पहुंचाया जिला अस्पताल
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। पुराने शहर के उर्दूपुरा इलाके में एक पुराने मकान की दीवार शनिवार को अचानक गिर गई। मलबे में तीन मजदूर दब गए। लोगों ने मलबे में दबे श्रमिकों को निकाला और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल तीनों की स्थिति ठीक बताई गई है।
दरअसल, उर्दूपुरा की बड़ी ग्वाडी के रहने वाले कमल सांखला अपना पुराना मकान तुड़वाकर नया मकान बनाने जा रहे हैं। मकान निर्माण से पहले पुराने मकान को तोडऩे का काम चल रहा था। इसमें मशीन के साथ श्रमिक भी काम कर रहे थे। शनिवार की दोपहर मजदूर दीवार तोड़ रहे थे कि यह अचानक भरभराकर उनके ऊपर आ गिरी। दीवार के मलबे में श्रमिक सुनीता, गोपाल और राजू दब गए। दीवार गिरने से तेज धमाका हुआ और मजदूरों ने चीख पुकार मचाई तो लोग दौड़े और सभी को बाहर निकाला।
सांखला का मकान शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी के घर के सामने है। ऐसे में भाटी भी अपने रिश्तेदारों के साथ मौके पर पहुंचे और मलबा हटाने और मजदूरों को निकालने में मदद की। श्रमिकों को तत्काल चरक भवन ले जाया गया। यहां सभी की हालत सामान्य है।
छह मजदूर काम कर रहे थे, तीन घायल
मकान तोडऩे का काम छह मजदूर कर रहे थे, पर मलबे में तीन लोग दबे थे। इनकी हालत सामान्य है। दो के हाथ और एक के पैर में चोट आई है।
कुछ महीने पहले भी हुआ था हादसा
जीवाजीगंज थाना क्षेत्र की हेलावाड़ी में कुछ महीने पहले मकान गिरने का हादसा हुआ था। तब आठ लोग मलबे के नीचे दबे थे। हादसे में एक युवक की मौत हो गई थी।वह अपनी नानी के यहां मोहर्रम मनाने आया था।
अचानक गिरी थी दीवार
मेरे घर के सामने पुराना मकान तोडऩे का काम चल रहा था। मकान की दीवार अचानक गिर गई। परिवार के लोगों ने श्रमिकों को मलबे से निकाला। मजदूरों को अस्पताल लाने से पहले ही कलेक्टर साहब को सूचना दे दी थी। उन्होंने अस्पताल में व्यवस्था करा दी थी। अस्पताल पहुंचते की उपचार शुरू हो गया। सभी की हालत ठीक है।
मुकेश भाटी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष
11 साल पुराने विवाद में एसपी ने दिलाया मकान पर कब्जा
चिमनगंज मंडी थाना क्षेत्र में 11 साल से चल रहे मकान का विवाद एसपी प्रदीप शर्मा की सूझबुझ से सुलझ गया।
दरअसल, सारिका जैन गुना के बताशा बाजार में रहती हैं। उनका मकान सांदीपनि नगर उज्जैन में है। एलआईजी श्रेणी के इस मकान पर तिरुपति सॉलिटेयर में रहने वाले योगेश शर्मा ने कब्जा कर रखा था। जैन मकान पर कब्जे की शिकायत कई बार कर चुकी थीं। शर्मा मकान खाली करने के बदले 14 लाख रुपए की राशि मांग रहा था। उसने मकान में कुछ निर्माण भी करा लिया था। यह मामला थाना प्रभारी विवेक कनोडिय़ा के माध्यम से एसपी प्रदीप शर्मा तक पहुंचा था। एसपी ने दोनों पक्षों को बुलाया और शर्मा को समझाइश दी। इसके बाद दूसरे पक्ष ने सारिका जैन को मकान की चाबी सौंप दी। 11 साल बाद संपत्ति पर कब्जा मिलने पर सारिका जैन ने एसपी का आभार जताया।









