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11 यात्रियों से भरी वैन उफनते नाले में बही, 9 की मौत, दो को बचाया

सारंगपुर में हादसा : मना करने के बावजूद नहीं माना चालक

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अक्षरविश्व न्यूज सारंगपुर। ईको वैन नाले में बहने से तीन बच्चों और दो महिलाओं समेत 9 लोगों की मौत हो गई। दो युवकों को ग्रामीणों ने बचा लिया। हादसा पचोर-सारंगपुर रोड पर पड़ाना कस्बे में सोमवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे हुआ। उफनते नाले का तेज बहाव देखकर ग्रामीणों ने वाहन चालक को आगे जाने से मना किया था। बावजूद वैन चालक ने वाहन को पानी के बीच से निकालने की कोशिश की। कुछ ही पल में तेज बहाव ने ईको को अपनी चपेट में लिया और 11 यात्रियों से भरी गाड़ी पानी में बहती चली गई। पड़ाना के पास झिरी नाले पर 30 फीट का पुल निर्माणाधीन है। तेज बारिश की वजह से पानी पुल के ऊपर बह रहा है। कार ड्राइवर मुकेश को अधूरा पुल नहीं दिखा। उसने कार आगे बढ़ा दी, जो नाले में बह गई।

हादसे में इनकी मौत : शंकरसिंह (50), सागरबाई पति शंकरसिंह, रेनू (28) पति हुकुम, राजवीर (3) पिता हुकुम, जसप्रीत पिता हुकुम, विशाल चौहान (30), पूजा (27) पति विशाल, ऋषिका, आनंद शामिल है। हादसे में घायल चालक मुकेश व हुकुम का इलाज सारंगपुर अस्पताल में चल रहा है। मुकेश ने बताया कि वह देवास जिले के सतवास के धांसड़ गांव से आए थे और कनावड़ धाम जा रहे थे।

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स्कूलों में आज अवकाश रहेगा
भारी बारिश को देखते हुए कलेक्टर गिरीश मिश्रा ने राजगढ़ जिले में नर्सरी से 12वीं तक के विद्यालयों में 11 अगस्त को अवकाश घोषित किया है। इधर, भोपाल और आगर में भी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।

सीएम ने 4-4 लाख की सहायता के दिए निर्देश

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हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दु:ख जताते हुए मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए। इधर, प्रशासन ने प्रक्रिया पूरी कर पीडि़त परिवारों को सहायता राशि उपलब्ध कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

मंत्री टेटवाल ने किया घटनास्थल का दौरा

घटना की गंभीरता को देखते हुए मध्यप्रदेश शासन के कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ग्राम पड़ाना पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद ग्रामीणजनों एवं पीडि़त परिवारों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली।

मप्र में मूसलाधार बारिश, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात

नईदिल्ली/भोपाल/जयपुर। देश के कई राज्यों में झमाझम बारिश हो रही है। मध्यप्रदेश और राजस्थान के 15 से ज्यादा शहरों में लगातार बारिश से बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। एमपी के उज्जैन, भोपाल, रायसेन, उज्जैन, देवास सहित कई शहरों में रविवार रात से मूसलाधार बारिश हुई। भोपाल में नर्सरी से 12वीं तक के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। राजस्थान के जयपुर स्थित कानोता और झालावाड़ का कालीखाड़ डैम ओवरफ्लो हो गया है। बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ में रविवार रात सड़कों पर 2 से 3 फीट तक पानी भर गया। बाड़मेर में भी सड़कें लबालब हो गईं।

रेलवे स्टेशन, सब्जी मंडी, हॉस्पिटल रोड समेत प्रमुख इलाकों में 2 से 4 फीट तक पानी भर गया। कई जगह दुकानों और घरों में भी पानी घुस गया। मध्यप्रदेश में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होने के बाद कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी है। उमरिया में संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला डैम के दो गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। जिले में पिछले 24 घंटे में 1 इंच बारिश दर्ज की गई है। भोपाल, सीहोर, रायसेन, शाजापुर, विदिशा, शिवपुरी, हरदा और शुजालपुर समेत कई जिलों में बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। सीहोर जिले में 5 घंटे में 8.3 इंच बारिश हुई। नदी-नाले उफान पर हैं और कई रास्ते बंद हो गए।

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