गंभीर बांध में अब 154 एमसीएफटी से ऊपर पानी

अभी जल निगम से शहर के लिए ‘उधार’ ले रहे नर्मदा नदी का पानी
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भूखीमाता मंदिर के सामने लाइन जुडऩे के बाद पीएचई की होगी स्थाई व्यवस्था
टी कनेक्शन में 15 दिन का समय लगने का अनुमान
अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। जल निगम की नल जल योजना से अभी नर्मदा का पानी गंभीर डेम में तो आ गया, लेकिन पीएचई की स्थाई व्यवस्था गंभीर की गऊघाट लाइन जुडऩे से होगी और इसके जुडऩे में अभी एक पखवाड़ा भी गुजर सकता है। वजह यह कि दोनों को टी कनेक्शन से जोड़ा जाएगा और इसके लिए अभी मौके पर लोहे की बड़ी टी बनाई जा रही है, क्योंकि यह रेडीमेड नहीं मिल सकी।
गंभीर डेम के पास जल निगम के बने नए इंटेकवेल से अभी नर्मदा का पानी छोडऩे का क्रम बना हुआ है। इससे गंभीर डेम का लेवल 154 एमसीएफटी से ज्यादा बना हुआ है।
सूत्रों के अनुसार गंभीर डेम के पास जल निगम ने इंटेकवेल इसलिए बनाया था ताकि विद्युत व्यवस्था ठप होने पर जल निगम के इंटेकवेल में डेम से पानी लेकर नल जल योजना के तहत प्रदाय किया जा सके, लेकिन पहली बार हुआ उलटा, इसे गंभीर डेम में नर्मदा का पानी छोडऩा पड़ रहा। वह तो निगम का इंटेकवेल समय पर बन गया, अगर पीएचई की गंभीर नर्मदा लाइन जुडऩे के भरोसे रहते तो आज पूरे शहर को पेयजल संकट से जूझना पड़ता।
13 फीट लंबी टी बनकर हो रही तैयार
भूखीमाता मंदिर चौराहे पर नर्मदा की लाइन से गंभीर डेम और गऊघाट लाइन को जोडऩे के लिए अब टी कनेक्शन की तैयारी शुरू कर दी गई है। 800 मीटर व्यास की इतनी बड़ी टी रेडीमेड उपलब्ध न होने से ताबड़तोड़ इसे मौके पर ही तैयार किया जा रहा है। इसके जुडऩे से गंभीर डेम से गऊघाट फिल्टर प्लांट तक पानी को पंपिंग नहीं करना पड़ेगा। इससे निगम का बिजली खर्चा कम होगा और जल्दी पानी को फिल्टर कर सप्लाई किया जा सकेगा। अभी नर्मदा के पानी को गंभीर डेम से पंपिंग कर लाना पड़ रहा है। टी कनेक्शन में 15 दिन का समय भी लग सकता है।