Advertisement

मैंने क्यों मारा, मैं अब राष्ट्रपति बनने वाला हूं

सिर पर किए ताबड़तोड़ 5 वार, बेटी से मिलने जा रहे पूर्व प्राचार्य को उनके ही विक्षिप्त विद्यार्थी ने उतारा मौत के घाट

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Advertisement

पुलिस हिरासत में आरोपी कर रहा तरह-तरह की बातें, सुबह पीएम के बाद परिजनों को सौंपा शव, दोपहर में निकली अंतिम यात्रा

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। भैरवगढ़ क्षेत्र के पीपली बाजार में बुधवार दोपहर एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई। शासकीय विद्यालय से सेवानिवृत्त 85 वर्षीय प्राचार्य रमाशंकर शर्मा की मोहल्ले के ही एक विक्षिप्त युवक ने लाठी से ताबड़तोड़ वार कर बेरहमी से हत्या कर दी। मृतक प्राचार्य स्कूल टाइम में युवक को पढ़ा भी चुके हैं।

Advertisement

हमलावर ने उनके सिर पर पीछे से 5 से 6 बार वार किए, जिससे वे लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। गंभीर हालत में उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान शाम करीब 5 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना के बाद आरोपी भी वहीं घूमता रहा। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने उसे लाठी सहित गिरफ्त में ले लिया है। उसे काबू में करने के लिए पुलिस को रस्सी की सहायता लेनी पड़ी। थाने में भी पुलिस पूछताछ में वो रातभर अजीबोगरीब बातें करता रहा। कभी कहता मैंने किसी को क्यों मारा। मैंने अब प्रधानमंत्री बना दिया है, अब मैं राष्ट्रपति भी बनूंगा। सब मुझे सेल्यूट करो।

चार माह पहले ही हुआ था पत्नी का निधन
रमाशंकर शर्मा के परिवार में पिछले कुछ समय से दु:खों का पहाड़ टूटा हुआ है। महज चार महीने पहले ही उनकी पत्नी का निधन हुआ था। बेटी उज्जैन में ही रहती है और बुधवार को वे उसी से मिलने के लिए घर से निकले थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

Advertisement

यह है घटनाक्रम
शर्मा बुधवार को घर से पैदल ही सिद्धवट की ओर जाने के लिए निकले थे। उनके घर के सामने का रास्ता खुदा होने के कारण वे पास वाली गली से होकर गुजर रहे थे। इसी दौरान वहां मौजूद आरोपी मोहन तंवर ने उन पर अचानक हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने वृद्ध को बचाने की कोशिश भी की और हमलावर को भगाया, तब तक प्राचार्य गंभीर रूप से घायल हो चुके थे।

इनका कहना
आरोपी मोहनसिंह को पुलिस ने घटना के बाद ही गिरफ्तार कर लिया है। वो पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान भी अजीबोगरीब बातें कर रहा है। उसका मेडिकल परीक्षण भी कराया जा रहा है।
पुष्पा प्रजापति
सीएसपी, जीवाजीगंज

रहवासियों में आक्रोश

गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम के उपरांत शर्मा का शव परिजनों को सौंप दिया गया। भैरवगढ़ स्थित निज निवास से अंतिम यात्रा निकली, जिसमें समाजजन, एडवोकेट सहित स्थानीय रहवासी काफी संख्या में शामिल थे। स्थानीय रहवासियों में घटना को लेकर काफी आक्रोश है। विक्षिप्त पहले भी मोहल्ले में कई लोगों पर हमला कर चुका है। इसके बाद भी परिजनों और पुलिस प्रशासन ने उसे अस्पताल या अन्य सुरक्षित स्थान नहीं भेजा। इस कारण इतनी बड़ी घटना हो गई। पं. शर्मा के बेटे सुबोध शर्मा एडवोकेट हैं। बेटी-दामाद उज्जैन में ही रहते हैं। घटना के वक्त शर्मा बेटी के पास जाने के लिए ही निकले थे।

आरोपी को दबोचने में पुलिस के भी पसीने छूटे, रस्सी से बांधकर किया काबू

वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी मोहन (55) को काबू करने में पुलिस के पसीने छूट गए। हमले के बाद वह इतना उग्र था कि पुलिस को उसे रस्सियों से बांधकर हिरासत में लेना पड़ा। स्थानीय निवासियों ने बताया कि आरोपी की मानसिक स्थिति लंबे समय से खराब है। उसकी हिंसक प्रवृत्तियों के कारण उसके माता-पिता चार साल पहले ही उसे अकेला छोड़कर कहीं और चले गए थे। उसका भाई केवल उसे खाना देने आता है, लेकिन बाकी समय वह गली में आतंक मचाता है।

मोहन अक्सर लाठी लेकर राहगीरों पर हमला करने दौड़ता था, जिसके डर से पड़ोसियों ने अपने घर के दरवाजे बंद रखने शुरू कर दिए थे और बच्चों का गली में निकलना पूरी तरह बंद हो चुका था। क्षेत्रवासियों के अनुसार, यह पहली बार नहीं था जब मोहन ने किसी पर हमला किया हो। वह पहले भी दो बार स्थानीय लोगों पर जानलेवा हमला कर चुका है। एक बार तो उसकी जेब में रखा देशी कट्टा अचानक चल गया था, जिससे वह खुद घायल हो गया था। पुलिस रिकॉर्ड में उसके खिलाफ पहले से तीन मामले दर्ज हैं। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते पुलिस और प्रशासन ने मोहन पर सख्त कार्रवाई की होती या उसे उपचार केंद्र भेजा होता तो आज 85 वर्षीय प्राचार्य की जान नहीं जाती।

Related Articles

Write a review