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चौड़ीकरण : पांच दूसरी सड़कों पर अब प्रशासन का फोकस

शाही मस्जिद मामले में प्रबंधन को स्ट्रक्चर कैसे हट सकता है, यह बताया

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। कंठाल चौराहा- छत्रीचौक सड़क चौड़ीकरण के बीच इश्यू बन चुके खड़े हनुमान मंदिर के बाद फिलहाल इस सड़क से हटकर निगम प्रशासन ने अब उन पांच सड़कों पर अपना ध्यान केंद्रित कर दिया है, जिनका चौड़ीकरण जरूरी है। फिलहाल निगम प्रशास ने शाही मस्जिद प्रबंधन को यह बता दिया है कि स्ट्रक्चर किस तरीके से हटाया जा सकता है। हालांकि मस्जिद प्रबंधन का रूख इस पर पता नहीं चला है।

कंठाल चौराहा-छत्रीचौक मार्ग चौड़ीकरण के बीच उठे खड़े हनुमान मंदिर के इश्यू ने फिलहाल प्रशासन के काम की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिए हैं। फिलहाल इस सड़क पर ध्यान देने के बजाय प्रशासन अब उन सड़कों पर फोकस कर रहा है, जिनका चौड़ीकरण जरूरी है। ऐसी पांच सड़कों के काम पर अब ध्यान बढ़ाया जा रहा है।

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400 मीटर से 730 मीटर तक बनेंगे रोड

फिलहाल निगम प्रशासन जिन पांच रोड पर काम तेज करने जा रहा है यह 400 से 730 मीटर लंबे हैं। अभी इनकी चौड़ाई 6 से 12 मीटर तक है। इन सड़कों को 15 मीटर तक चौड़ा किया जाएगा। इनमें चार रोड सबसे अहम हैं। यह पुराने शहर में आते हैं।

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1 गुदरी चौराहा-हरसिद्धि पाल: ५७० मीटर लंबा यह मार्ग श्री महाकालेश्वर सवारी मार्ग का हिस्सा है। अभी इस रोड की चौड़ाई ८ से १० मीटर तक है। इसे १५ मीटर चौड़ा किया जाएगा। १४.४३ करोड़ रुपए की राशि से होने वाले चौड़ीकरण के दायरे में १३६ मकान-दुकान आएंगे। नपती के बाद इन पर निशान लगा दिए गए हैं। इस मार्ग को एक साल में पूरा करने का टारगेट लेकर चला जा रहा है। सिंहस्थ के दौरान इस मार्ग पर दबाव ज्यादा रहेगा।

2 नीलकंठ द्वार-महाकाल चौराहा: ४०० मीटर लंबा यह मार्ग घने रहवासी और व्यवसायिक क्षेत्र में है। अभी इसकी चौड़ाई करीब १५ मीटर है। डिवाइडर युक्त इस रोड पर भारी ट्रैफिक रहता है। यह श्री महाकालेश्वर मंदिर जाने वाला प्रमुख मार्ग है। २७.७६ करोड़ की लागत से इस रोड को २४ मीटर चौड़ा किया जाएगा। ताकि ट्रैफिक सुगमता से निकल सके।

3 खजूरवाली मस्जिद-गणेश चौक: ७३० मीटर लंबा यह मार्ग भी पुराने शहर में है। इस पर भी यातायात का दबाव बहुत अधिक है। अभी यह सड़क कहीं ७ तो कहीं १० मीटर तक चौड़ी है। इसे १५ मीटर चौड़ा किया जाएगा। कार्य की लागत ९.८० करोड़ रुपए है।

4 चौबीसखंबा- छोटा रुद्रसागर: सिंहस्थ के हिसाब से यह भी महत्वपूर्ण मार्ग है। रामघाट और महाकालेश्वर के बीच आने वाला इस मार्ग की लंबाई ६५० मीटर है और फिलहाल इसकी चौड़ाई ९ से १२ मीटर के बीच है। इसे भी १५ मीटर तक चौड़ा किया जाएगा। ९.५५ करोड़ की लागत वाले रोड के मसले में नोटिस की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

5 दो तालाब-शांतिनगर: पुराने इंदौर रोड के दो तालाब से शुरू होने वाले इस रोड को आगे ले जाकर हरिफाटक बायपास पर मिलाया जाएगा। ६५० मीटर लंबी इस सड़क में सबसे बड़ा पेंच पट्टे के मकान हैं। अभी यह सड़क कहीं ६ मीटर चौड़ी है तो कहीं १० मीटर। इसे भी १५ मीटर चौड़ा किया जाएगा। १३.१५ करोड़ रुपए वाली इस सड़क के बनने से पुराने इंदौर रोड से हरिफाटक बायपास पर आसानी से पहुंचा जा सकेगा। आपात स्थिति में यह मार्ग ट्रैफिक डायवर्शन के लिए उपयोगी हो सकता है।

फिलहाल प्रशासन ने अपना फोकस इन सड़कों पर तेज कर दिया है। इन सड़कों पर नोटिस देने, नपती करने का काम चल रहा है। उम्मीद है कि जल्दी ही इन सड़को के काम जमीन पर दिखने लगेंगे।

शाही मस्जिद के स्ट्रक्चर की जानकारी दी
चौड़ीकरण के दायरे में 11 फीट तक आ रही शाही मस्जिद को हटाने में तकनीकी दिक्कत आने की आशंका है। मस्जिद प्रबंधन ने इस संबंध में निगम अफसरों को जानकारी दी थी। निगम अफसरों ने स्ट्रक्चर कैसे हटाया जा सकता है, यह मस्जिद प्रबंधन को बताया है। हालांकि शहर काजी खलीर्कुरहमान कहते हैं कि शाही मस्जिद मुस्लिमों की नहीं उज्जैन की शान है। इस मसले पर बराबर के नंबर के चश्मे से विचार किया जाना चाहिए। मुस्लिम समुदाय ने हमेशा ही चौड़ीकरण हो या सिंहस्थ बढ़-चढ़कर भाग लिया है। २०१६ के सिंहस्थ में जब प्राकृतिक आपदा आई तो मस्जिद और मदरसे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए थे। अभी भी समाज सहयोग के लिए तैयार है, लेकिन शाही मस्जिद के मसले पर विचार किया जाना चाहिए।

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