सिद्धवट से अंगारेश्वर ब्रिज का काम शुरू, नदी में काम करने के लिए बनाया जा रहा बैस

समय की होगी बचत, क्राउड मैनेजमेंट में भी मिलेगी मदद, डिजाइन स्वीकृति में हुई थी देरी

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सिद्धवट से अंगारेश्वर के बीच शिप्रा नदी पर बन रहे ब्रिज का काम डिजाइन स्वीकृति में हुई देरी के बाद अंतत: शुरू हो गया है। 14.56 करोड़ रुपए की लागत से यह ब्रिज अंगारेश्वर मंदिर के पीछे की ओर बनाया जा रहा है। निर्माण कंपनी शुरुआत में नदी में काम करने के लिए बैस तैयार कर रही है। ब्रिज बनने से एक किलोमीटर का सफर महज २०० से ३०० मीटर में पूरा हो जाएगा जिससे ना सिर्फ समय की बचत होगी बल्कि क्राउड मैनेजमेंट में भी मदद मिलेगी। सिंहस्थ महापर्व के बाद भी यह पर्व बेहद उपयोगी साबित होगा। दावा किया जा रहा है कि इसे तय समयसीमा में पूरा कर लिया जाएगा।
पिछले सिंहस्थ में बनना था, समय की कमी से नहीं बन सका
खास बात यह है कि वर्ष 2016 के सिंहस्थ में यह ब्रिज बनना था तब इसके लिए सर्वे भी हो चुका था लेकिन समय के अभाव के चलते निर्माण नहीं हो सका था। चूंकि 2028 के सिंहस्थ महापर्व के दौरान ३० करोड़ श्रद्धालुओं के आने के उम्मीद है। ऐसे में क्राउड मैनेजमेंट से जुड़े प्रोजेक्ट पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है। इसी कड़ी में आवागमन के लिए १९ नए पुल-पुलिया का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इनमें से ही एक सिद्धवट से अंगारेश्वर का ब्रिज भी है।
ब्रिज बनने से ऐसे आसान होगा सफर
अंगारेश्वर मंदिर मार्ग से सिद्धवट तक पुल बनने से श्रद्धालुओं का आवागमन का समय बचेगा। अभी एक से डेढ़ किमी घूमकर जाना पड़ता है, यह दूरी ब्रिज बनने से महज 200 से 300 मीटर तक की रह जाएगी। मेले में क्राउड मैनेजमेंट में भी मदद मिलेगी। सिंहस्थ महापर्व के अलावा अन्य दिन एवं विशेष मौकों (खासकर श्रावण और श्राद्ध पक्ष में) पर इस पुल से सुविधा होगी। श्रद्धालुओं के अलावा ये पुल क्षेत्र के व्यापारियों और किसानों के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा।









