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इंदौर में मंदिर चौकीदार ने बुजुर्ग ट्रस्टी की हत्या की

इंदौर शहर के अन्नपूर्णा क्षेत्र में स्थित करीब 150 साल पुराने एक ऐतिहासिक मंदिर के वरिष्ठ ट्रस्टी की डंडे से बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात का एक सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस के हाथ लगा है, जिसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि मंदिर का ही सुरक्षाकर्मी उन पर डंडे से ताबड़तोड़ जानलेवा हमला कर रहा है। स्थानीय पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी हमलावर को फौरन अपनी हिरासत में ले लिया है।

 

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लोकल पुलिस के आला अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह खौफनाक वारदात मंगलवार की सुबह लगभग 5:30 बजे की है। बताया जा रहा है कि मंदिर का जो सुरक्षाकर्मी है, उसे शराब पीने की बेहद बुरी लत है। वह अक्सर नशे की हालत में धुत्त होकर मंदिर परिसर के भीतर आने-जाने वाले लोगों के साथ गाली-गलौज और झगड़ा करता रहता था। मंदिर के ट्रस्टी उसे उसकी इस हरकत के लिए पहले भी कई मर्तबा कड़ी चेतावनी और समझाइश दे चुके थे।

समझाने पर भड़का हमलावर और दौड़ा-दौड़ा कर पीटा

मंगलवार की सुबह जब सुरक्षाकर्मी एक बार फिर अत्यधिक नशे की हालत में मंदिर के मुख्य परिसर में पहुंचा, तो वहां मौजूद ट्रस्टी ने उसे टोकते हुए दोबारा समझाने का प्रयास किया। अपने लिए कहे गए शब्द सुरक्षाकर्मी को इतने नागवार गुजरे कि वह गुस्से में पूरी तरह भड़क गया। उसने आव देखा न ताव और पास में रखा एक भारी-भरकम डंडा उठा लिया। सुरक्षाकर्मी के हाथ में डंडा और उसकी आंखों में खून सवार देख ट्रस्टी अपनी जान बचाने के लिए वहां से तेजी से भागे, लेकिन थोड़ी ही दूरी पर दौड़कर आरोपी ने उन्हें दबोच लिया और उन पर डंडे से अंधाधुंध वार करने शुरू कर दिए।

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गंभीर रूप से लहूलुहान हो चुके ट्रस्टी किसी तरह अपनी जान की भीख मांगते हुए पास में स्थित एक धार्मिक स्थल के भीतर घुस गए ताकि खुद को सुरक्षित रख सकें। लेकिन सनकी आरोपी का गुस्सा इतने पर भी शांत नहीं हुआ, वह पीछा करते हुए उस धार्मिक स्थल के अंदर भी दाखिल हो गया। उसने वहां भी ट्रस्टी को चारों तरफ से घेरकर उनके सिर को निशाना बनाते हुए कई वार किए। चश्मदीदों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने गुस्से में अंधाधुंध तरीके से ट्रस्टी के सिर, हाथ और पैरों पर करीब 31 बार डंडे बरसाए।

लाउडस्पीकर की आवाज के चलते समय पर नहीं मिल सकी मदद

सिर पर हुए इन बेहद गहरे और घातक हमलों के कारण बहुत ज्यादा खून बह जाने की वजह से ट्रस्टी मौके पर ही बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। वहां मौजूद कुछ स्थानीय लोग और सेवादार उन्हें आनन-फानन में बिना वक्त गंवाए पास के एक बड़े अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि चोटें इतनी ज्यादा अंदरूनी और गंभीर थीं कि इलाज के दौरान ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

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धार्मिक स्थल के प्रबंधन से जुड़े एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि सुबह 5 बजे से ही परिसर के मुख्य हॉल में सुबह की प्रार्थना और सत्संग चल रहा था। लाउडस्पीकर और भजनों के साउंड के चलते बाहर हो रही इस चीख-पुकार और मारपीट की भनक अंदर बैठे लोगों को समय पर नहीं लग पाई। मारे गए बुजुर्ग लंबे समय से मंदिर की देखरेख और समाज सेवा के कामों से जुड़े हुए थे, जबकि हमला करने वाला शख्स वहीं नौकरी करता था। दोनों के बीच इस आदत को लेकर पहले से ही मनमुटाव चल रहा था, जो अंततः इस भयानक वारदात में बदल गया।

आरोपी के हिंसक बर्ताव की पहले भी हो चुकी थी शिकायतें

प्रबंधन के पदाधिकारियों के अनुसार, आरोपी सुरक्षाकर्मी का ट्रैक रिकॉर्ड पहले से ही काफी खराब रहा है और उसके खिलाफ पूर्व में भी कुछ कानूनी मामले दर्ज हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस को उसके इस हिंसक व्यवहार और शराब की लत को लेकर कई बार लिखित आवेदन और शिकायतें दी जा चुकी थीं, क्योंकि वह अक्सर मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं को परेशान करता था।

जिस वक्त यह खौफनाक वारदात हो रही थी, वहां मौजूद कुछ इक्का-दुक्का राहगीरों ने बीच-बचाव करने की हल्की कोशिश जरूर की थी, लेकिन आरोपी के हाथ में भारी डंडा और उसका जानलेवा रूप देखकर हर कोई इस डर से पीछे हट गया कि कहीं वह उन पर भी हमला न कर दे। मृत बुजुर्ग अपने निजी जीवन में कैटरिंग के व्यवसाय से जुड़े हुए थे और उनका एक भरा-पूरा परिवार है, जो इस अचानक हुए हादसे के बाद से गहरे सदमे में है।

सुरक्षा और आपराधिक बैकग्राउंड की जांच पर उठ रहे सवाल

इस जघन्य हत्याकांड के बाद से पूरे इलाके के आम लोगों और स्थानीय दुकानदारों में भारी आक्रोश और असुरक्षा का माहौल देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि किसी भी धार्मिक और सार्वजनिक स्थल पर सुरक्षाकर्मियों या अन्य स्टाफ को नौकरी पर रखने से पहले उनके आपराधिक बैकग्राउंड की कड़ाई से जांच (पुलिस वेरिफिकेशन) होना बेहद जरूरी है।

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और स्थानीय संगठनों ने भी इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि सरेआम इस तरह की वारदात होना कानून व्यवस्था और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर एक बड़ा सवाल है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से बारीकी से तफ्तीश की जा रही है, सीसीटीवी फुटेज को साक्ष्य के रूप में केस डायरी में शामिल कर लिया गया है और आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए कोर्ट में पुख्ता सबूत पेश किए जाएंगे।

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