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उज्जैन:चरक में नहीं होगी ऑक्सीजन की कमी…

कलेक्टर ने किया निरीक्षण: ऑक्सीजन प्लांट का काम शाम तक पूरा होने की संभावना, 6ठी मंजिल पर 100 अतिरिक्त बेड की भी व्यवस्था

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उज्जैन। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की चपेट में प्रतिदिन अनेक लोग आकर बीमार हो रहे हैं। सरकारी और प्रायवेट अस्पतालों के कोरोना वार्ड फुल हो रहे हैं। अनेक मरीज ऐसे हैं जिनका ऑक्सीजन लेवल कम होने के कारण उन्हें ऑक्सीजन की आवश्यकता पड़ रही है। आने वाले दिनों में कोरोना मरीजों का आंकड़ा और बढऩे की संभावना है। कलेक्टर द्वारा इसी के मद्देनजर सुबह चरक अस्पताल का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश भी दिये।

सुबह कलेक्टर आशीष सिंह, सीएमएचओ डॉ. महावीर खंडेलवाल चरक अस्पताल पहुंचे। यहां कलेक्टर ने चरक अस्पताल की 5 वीं मंजिल पर कोरोना मरीजों के उपचार की जानकारी ली और 6 टी मंजिल पर 100 बेड कोरोना मरीजों के लिये आरक्षित करने के साथ व्यवस्थाएं जुटाकर शाम तक कोरोना मरीजों को यहां भर्ती करने के निर्देश भी दिये। कलेक्टर सिंह चरक अस्पताल के पीछे स्थित ऑक्सीजन प्लांट को देखने पहुंचे। इस प्लांट को शुरू करने के लिये पूर्व से काम जारी था। मैकेनिकों द्वारा पाइप लाइन बिछा दी गई है। कनेक्शन की देरी है। कलेक्टर ने इस प्लांट को भी शाम तक शुरू करने के निर्देश दिये हैं।

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बनाने का काम बाद में शुरू होगा
उक्त प्लांट के बारे में बताया जाता है कि इसी प्लांट में ऑक्सीजन बनाने की मशीनें भी स्थापित हैं जिससे ऑक्सीजन बनाकर सप्लाय की जा सकती है, लेकिन प्रशासन द्वारा शुरूआत में प्लांट चालू करने के निर्देश दिये गये हैं ऑक्सीजन बनाने का काम बाद में शुरू किया जायेगा। फिलहाल दूसरे ऑक्सीजन सिलेण्डरों को प्लांट की मशीनों में डालकर वार्डों में सप्लाय किया जायेगा।

ढाई करोड़ का प्लांट 400 बेड तक पहुंचेगी ऑक्सीजन
बताया जाता है कि प्रदेश शासन द्वारा प्रमुख जिलों के सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट की स्वीकृति दी गई थी। उसी के अंतर्गत जनवरी माह में मशीनें स्थापित करने के लिये चरक अस्पताल के पीछे के हिस्से में प्लेटफार्म बनाकर तैयार किया गया था। पिछले माह यहां ऑक्सीजन प्लांट की मशीनें स्थापित कर दी गई थी लेकिन इसी चालू नहीं किया जा सका था। इस प्लांट के चालू होने के बाद क्षमता के अनुसार एक साथ 400 बेड पर पाइप लाइन के माध्यम से ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा सकती है। कलेक्टर ने प्लांट कनेक्शन के काम में लगे कर्मचारियों को शाम तक काम पूरा कर प्लांट चालू करने के निर्देश दिये। अस्पातल प्रशासन द्वारा व्यवस्थाएं जुटाने के लिए अतिरिक्त कर्मचारी लगाए गए हैं। वर्तमान में यहां कोविड वार्ड में सिलेंडरों के माध्यम से ऑक्सीजन सप्लाय हो रहा था। बताया जाता है कि इस व्यवस्था को चालू रखा जाएगा।

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