कब सुधरेगी अंबोदिया मार्ग की हालत….

डामरीकरण के बजाय सड़क पर बिछा दी गिट्टी-चूरी

आवागमन में वाहन चालकों को हो रही है परेशानी….
उज्जैन। कार्तिक मेला प्रांगण से लेकर अंबोदिया डेम तक 12 किलोमीटर मार्ग में वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश में सड़क उखड़ी तो डामरीकरण तो किया नहीं। गिट्टी चूरी बिछा दी जिससे यहां से निकलना भी दुश्वार हो रहा है।
समाजसेवी व कांग्रेस प्रवक्ता संजय आंजना विनायगा ने बताया कि बारिश में सड़क पूरी तरह से उखड़ गई थी और जगह-जगह गड्ढे होने से वाहन चालकों को परेशानी हो रही थी। इस मार्ग पर डामरीकरण की बजाय गिट्टी-चूरी बिछा दी गई है। इससे और ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है और दुर्घटना का भय बना रहता है। कार्तिक मेला प्रांगण से सदावल विनायगा फंटा होते हुए गंभीर बांध की दूरी 12 किलोमीटर है।
कार्तिक मेला मैदान से मोहनपुरा मुल्लापुर होते हुए यदि गंभीर बांध जाए तो यह दूरी 18 किलोमीटर पड़ती है। इसलिए ज्यादातर लोग सदावल वाला मार्ग पसंद करते हैं, लेकिन मार्ग की हालत खराब होने से अब मजबूरी में लोग मुल्लापुरा वाला मार्ग से होकर निकल रहे हैं।
इतने गांवों के लोग इस मार्ग से निकलते हैं
उज्जैन से अंबोदिया मार्ग पर जिन गांव के लोग आवागमन करते हैं उनमें सदावल, कुत्ता बावड़ी, विनायगा, रातडिय़ा, नईखेड़ी, पान बड़ोदिया, मऊखेड़ी, अंबोदिया, सारोला, बड़वाई, कंथारी, सिंगावदा, बानिया खेड़ी, कोटड़ी, नायता फांटा, असलावदा, नागपुरा खेड़ा, अजनोटी, गंभीर डैम आदि शामिल है। अंबोदिया से डेम के उस पार बडऩगर तहसील में शामिल गांव के लोग भी इस मार्ग से आवागमन करते हैं। लेकिन मार्ग की हालत खराब होने से बेहद परेशान हैं। लेकिन अभी तक डामरीकरण की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
गिट्टी मुरम से भरे डंपर भी निकलते हैं….
ग्राम विनायगा, आजमपुरा के समीप कई खदानें हैं, जहां से गिट्टी मुर्रम भरने के बाद डंपर आदि निकलते हैं। भारी वाहनों के निकलने के कारण सड़क खराब हो जाती है। मार्ग की हालत ठीक नहीं होने से उन्हें मुल्लापुरा वाले लंबे मार्ग से होकर निकलना पड़ रहा है, जिससे समय ज्यादा लगता है, वहीं डीजल पेट्रोल का खर्चा बढ़ जाता है। संबंधित विभाग इस ओर ध्यान देकर डामरीकरण करवाएं।
संजय आंजना, विनायगा
प्रवक्ता जिला ग्रामीण कांग्रेस उज्जैन









