कॉमेडी और ऐतिहासिक नाटकों के किंग रंगकर्मी सतीश दवे को मिला संगीत कला अकादमी अवार्ड

उज्जैन। रंगमंच की दुनिया में कॉमेडी और ऐतिहासिक नाटकों के किंग माने जाने वाले वरिष्ठ रंगकर्मी सतीश दवे को देश का प्रतिष्ठित संगीत कला अकादमी अवार्ड दिया जाएगा। अवार्ड के रूप में उन्हें प्रशस्ति पत्र, एक लाख रुपए नगद दिए जाएंगे। 41 साल पहले उज्जैन में बाल मंच की नींव रखने वाले दवे ने कई ख्यात रंगकर्मी तैयार किए। उनके निर्देशन में कई कलाकारों की कला निखरकर सामने आई। पदमश्री डॉ. भगवतीलाल पुरोहित कहते हैं

दवे नए-नए विचार के लिए जाने जाते हैं। वह बेहद परिश्रमी हैं और नए प्रयोगों के लिए जाने जाते हैं। वरिष्ठ रंगकर्मी शिरीष राजपुरोहित कहते हैं कि मेरे रंगकर्म की शुरुआत ही दवे जी के माध्यम से हुई थी। उनके मौजूदगी में ही मैंने अपना पहला नाटक उदयपुर में किया था। उनके कंजूस नाटक का मैंने मालवी रूपांतरण मूंजी किया था। वह कॉमेडी के किंग हैं और उनके नाटक लोगों को हंसने पर मजबूर कर देते हैं। सैकड़ों कलाकार उन्होंने बालमंच के माध्यम से तैयार किए।
हमारी नाट्यकला फारस से भी पुरानी
अक्षरविश्व से चर्चा में दवे ने बताया कि हमारी नाट्यकला फारस से भी पुरानी है। हमारे वेद और इतिहास बेहद समृद्ध है। इन पर बहुत काम करने की जरूरत है।









