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चैत्र मास की पहली शाही जत्रा में चिंतामण में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

उज्जैन। चैत्र मास के आगमन के साथ ही परंपराओं का उल्लास शुरू हो गया है। बुधवार को श्री चिंतामण गणेश मंदिर में चैत्र मास की पहली शाही जत्रा का आयोजन किया गया। ब्रह्म मुहूर्त से ही भगवान गणेश के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतार लग गई थी। मान्यता है कि चैत्र के बुधवार को चिंतामण गणेश के दर्शन मात्र से सालभर के कष्ट दूर हो जाते हैं।

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सुबह 4 बजे मंदिर के पट खुलते ही मंदिर जयकारों से गूंज उठा। पुजारी शंकर गुरु के सान्निध्य में भगवान श्री गणेश का पंचामृत अभिषेक किया गया। इसके बाद भगवान का स्वर्ण आभूषणों और सुगंधित पुष्पों से मनमोहक शृंगार किया गया। सुबह की आरती के बाद से ही दर्शन का सिलसिला शुरू हुआ जो देर रात शयन आरती तक अनवरत जारी रहा। शाही जत्रा का धार्मिक के साथ-साथ कृषि से भी गहरा नाता है। वर्तमान में क्षेत्र में गेहूं और चने की फसल पककर तैयार है। परंपरा के अनुसार किसान अपनी नई उपज को बाजार में बेचने से पहले भगवान श्रीगणेश के चरणों में अर्पित करने पहुंचे। किसानों का विश्वास है कि भगवान को पहली फसल भेंट करने से भंडार हमेशा भरे रहते हैं।

आगामी जत्राओं का कार्यक्रम
इस वर्ष चैत्र मास के दौरान कुल पांच जत्राएं आयोजित की जाएंगी। प्रशासन ने बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और सुगम दर्शन के विशेष प्रबंध किए हैं।

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अगली जत्राएं- 11 मार्च, 18 मार्च, 25 मार्च।

समापन- 1 अप्रैल को अंतिम जत्रा के साथ इस शाही आयोजन का समापन होगा।

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