तृतीया पर सीएम की शहर को 176.96 करोड़ की अक्षय सौगात

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई बड़े प्रोजेक्ट सहित एक दर्जन से अधिक विकास कार्यों की रखी आधारशिला

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सिंहस्थ में उज्जैन को भव्य स्वरूप देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार प्रयासरत हैं। तमाम सौगातों के बाद सीएम डॉ. यादव ने रविवार को अक्षय तृतीया पर करीब 176.96 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की अक्षय सौगात दी है। अपने निर्धारित समय के मुताबिक दोपहर करीब 12 बजे उज्जैन पहुंचे सीएम ने कार्तिक मेला ग्राउंड पहुंचकर विकास कार्यों का शिलान्यास किया।
ये तमाम काम सड़क चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण से जुड़े हैं। महाकाल सवारी मार्ग जैसे बड़े प्रोजेक्ट भी इसमें शामिल हैं। यहां सीएम डॉ. यादव ने सामूहिक विवाह में फेरे ले रहे 100 जोड़े और निकाह कर रहे 12 जोड़ों को भी आशीर्वाद दिया और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की।
156.23 करोड़ के कार्यों का किया भूमिपूजन
सड़क चौड़ीकरण- हरसिद्धि पाल से रामघाट (21.08 करोड़), गुदरी चौराहा से हरसिद्धि पाल (14.43 करोड़), और बंबई धर्मशाला से दानीगेट (13.52 करोड़) तक मार्ग चौड़े होंगे। यह भगवान महाकाल की सवारी का मार्ग है।
कनेक्टिविटी- मकोडिय़ा आम से कानीपुरा-तराना मार्ग तक ४9.64 करोड़ की लागत से नई सड़क बनेगी।
सरोवरों का कायाकल्प- अमृत 2.0 के तहत नीलगंगा सरोवर (4.55 करोड़) और सोलह सागर तालाब (1.11 करोड़) का जीर्णोद्धार।
संस्कृति और पर्यटन- विक्रम कीर्ति संग्रहालय का संरक्षण (8.55 करोड़) और महाकाल लोक में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए फेब्रिक शेड स्ट्रक्चर (13.30 करोड़) का निर्माण।
लोकार्पण : तैयार हो चुके 20.73 करोड़ के काम]
कोठी रोड से देवास रोड तक सड़क चौड़ीकरण और लिंक रोड (एमआर-10) का निर्माण (17.88 करोड़)।
पुलिस लाइन हेलीपैड पर प्रतीक्षालय 0.60 करोड़)।
सिंहस्थ की तैयारियों के लिए सीएसआर मद से प्राप्त अत्याधुनिक स्वीपर लोडर मशीनें (2.25 करोड़)।
अक्षय तृतीया पर बैंड, बाजा, बारात… परिणय सूत्र में बंधे 112 जोड़े
100 जोड़ों ने लिए फेरे, 12 का हुआ निकाह, बाबा उमाकांत जी महाराज की ओर से हुई 4 हजार लोगों के भोजन की व्यवस्था
अ क्षय तृतीया पर रविवार को कार्तिक मेला ग्राउंड खुशियों का गवाह बना। नगर निगम द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में 112 जोड़ों का गृहस्थ जीवन शुरू हुआ। इस मांगलिक उत्सव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिरकत कर नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि यहाँ सामाजिक समरसता के साथ-साथ सेवा का भी अनूठा संगम देखने को मिला। आयोजन में जहाँ 100 हिंदू जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लिए, वहीं 12 मुस्लिम जोड़ों का निकाह भी पूरे रीति-रिवाज के साथ संपन्न हुआ। हर हवन कुंड पर पंडितों की मौजूदगी सुनिश्चित की गई थी, ताकि बिना किसी देरी के रस्में पूरी हो सकें। जोड़ों को मंच पर ही विवाह प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए।
गर्मी से बचाव के खास इंतजाम: चूंकि शहर का तापमान 40 डिग्री के पार है इसलिए पंडाल में गर्मी से राहत देने के लिए वॉटर स्प्रिंकलर (पानी की फुहार) लगाए गए थे। इससे विवाह स्थल का वातावरण ठंडा बना रहा और आगंतुकों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली।
बाबा उमाकांत महाराज की ओर से महाप्रसाद
आयोजन में सेवा का बड़ा उदाहरण संत बाबा उमाकांत महाराज के अनुयायियों की ओर से देखने को मिला। विवाह सम्मेलन में शामिल जोड़ों और उनके परिजनों सहित 4000 से अधिक लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था जयबाबा गुरुदेव आश्रम की ओर से की गई। भोजन में पूरी-सब्जी, दाल-चावल, रायता और विशेष रूप से बेसन चक्की परोसी गई।
व्यवस्थाओं से खुश नजर आए नवदंपत्ति
सूरज बघेल और शिवानी (देवास)-हम देवास से आए हैं। यहां की व्यवस्थाएं उम्मीद से कहीं ज्यादा बेहतर हैं। हमने सोचा भी नहीं था कि सामूहिक विवाह का अनुभव इतना शानदार होगा।
टीना वर्मा और विजय सिसौदिया- सामूहिक विवाह से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को कर्ज के बोझ से मुक्ति मिलती है। शासन-प्रशासन ने गर्मी से बचाव के जो इंतजाम किए हैं, वह काबिल-ए-तारीफ हैं।
निशा और तुलसीराम-हर कुंड पर पंडितजी मौजूद हैं जो हमें हर रस्म का महत्व समझा रहे हैं। सब कुछ बहुत स्पष्ट और उत्तम तरीके से हो रहा है।









