माधव नगर अस्पताल में 55 आईसीयू बेड 13 बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित…

इस बार कोरोना से लडऩे के पहले से हैं संसाधन…

अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन कोरोना की पहली और दूसरी लहर की भयावहता के दौरान ही जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा शासन की मदद से संसाधन जुटाना शुरू किये इसी का परिणाम है कि संभागीय मुख्यालय पर अब कोरोना से लडऩे के पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। अकेले माधव नगर अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग के पास 55 आईसीयू बेड हैं जिनमें से अभी 13 को कोरोना मरीजों के लिये आरक्षित रखा गया है।
देश में एक बार फिर से कोरोना के मामले सामने आने लगे हैं। केन्द्रीय व राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा इसको लेकर सतर्कता और सभी सरकारी अस्पतालों में जांच शुरू करने के साथ ही संसाधन आदि तैयार रखने के निर्देश जारी किये गये हैं। इसी क्रम में सीएमएचओ, सिविल सर्जन ने जिला चिकित्सालय, चरक हास्पिटल और माधव नगर हास्पिटल आरएमओ के साथ चर्चा कर शासन के निर्देश और गाइड लाइन संबंधी निर्देश जारी किये। माधव नगर आरएमओ डॉ. विक्रम रघुवंशी ने चर्चा में बताया कि अस्पताल में कुल 150 बेड हैं।
कोरोना की पहली व दूसरी लहर के दौरान माधव नगर अस्पताल में ही मरीजों का उपचार किया गया था। उसी दौरान आईसीयू बेड, ऑक्सिजन प्लांट आदि भी तैयार कर लिये गये थे। कोरोना की उक्त दोनों लहर से निपटने के बाद प्रदेश शासन द्वारा 22 बेड का नया आईसीयू वार्ड भी शुरू कर दिया गया। अब अस्पताल में कुल 55 आईसीयू बेड हैं जिनमें से नीचे के तल में 20 व दूसरी मंजिल पर 13 में मरीजों को भर्ती कर उपचार किया जाता है।
कोरोना संबंधी नए निर्देश आने के बाद अब 13 बेड के वार्ड को कोरोना मरीजों के लिये आरक्षित कर दिया गया है। 20 आईसीयू बेड अन्य मरीजों के लिये रखे गये हैं। डॉ. रघुवंशी ने बताया कि माधव नगर अस्पताल में सामान्य दिनों में गंभीर मरीजों का इन्हीं आईसीयू वार्डों में उपचार होता है।
आरटीपीसीआर किट आज आएगी
सिविल सर्जन डॉ. पी.एन. वर्मा ने बताया कि कोरोना जांच के लिये आरटीपीसीआर किट बुधवार को मिलने की संभावना है। किट मिलने के बाद जिला चिकित्सालय, चरक अस्पताल और माधव नगर अस्पताल में कोरोना संभावित मरीजों की जांच शुरू कर दी जाएगी। डॉ. वर्मा ने बताया कि नए वैरियेंट के मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने जैसी स्थिति प्रतीत नहीं होती, लेकिन उन्हें आइसोलेशन में रखा जाएगा।
घबराने की नहीं सतर्कता की जरूरत…
डॉ. रघुवंशी ने बताया कि फिलहाल जो कोरोना का नया वैरियेंट जेएन-1 सामने आया है। वह पूर्व के वैरियंट से घातक नहीं है। आमजन को इससे घबराने नहीं बल्कि सतर्कता की जरूरत है। जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना से लडऩे की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।









