मालदीव में समुद्र के भीतर हादसा, गुफाओं की खोज में गए 5 विदेशी गोताखोरों की मौत

मालदीव में बड़ा समुद्री हादसा सामने आया है, जहां गुफाओं की खोज के लिए समुद्र में उतरे पांच विदेशी गोताखोरों की मौत हो गई। यह घटना वावू एटोल इलाके में हुई, जिसे स्थानीय प्रशासन ने देश के इतिहास के सबसे बड़े डाइविंग हादसों में से एक बताया है।
जानकारी के अनुसार सभी गोताखोर करीब 50 मीटर गहराई में मौजूद समुद्री गुफाओं की तलाश में गए थे, लेकिन लंबे समय तक वापस नहीं लौटे। इसके बाद बड़े स्तर पर सर्च अभियान शुरू किया गया।
अब तक केवल एक शव बरामद किया जा सका है, जबकि बाकी चार लोगों के समुद्र के भीतर गुफाओं में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। खराब मौसम और समुद्र की कठिन परिस्थितियों के कारण बचाव अभियान में लगातार परेशानी आ रही है।
स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि मौसम सामान्य होने के बाद सर्च ऑपरेशन दोबारा शुरू किया जाएगा। हादसे के बाद पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
सरकार की ओर से मृतकों की पहचान मोनिका मोंटेफाल्कोने, जॉर्जिया सोमाकाल, फेडेरिको गुआल्तिएरी, म्यूरियल ओडेनिनो और जियानलुका बेनेडेट्टी के रूप में की गई है। बताया गया कि सभी लोग ‘ड्यूक ऑफ यॉर्क’ नाम की नाव के जरिए समुद्र में गए थे।

यूनिवर्सिटी ऑफ जेनोवा से जुड़े थे चार डाइवर्स
रिपोर्ट्स के अनुसार हादसे का शिकार हुए पांच लोगों में से कम से कम चार लोग इटली की यूनिवर्सिटी ऑफ जेनोवा से जुड़े हुए थे। सभी समुद्री रिसर्च और डाइविंग गतिविधियों से लंबे समय से जुड़े बताए जा रहे हैं। अब तक केवल जियानलुका बेनेडेट्टी का शव बरामद किया जा सका है। वह उस यॉट पर बोट ऑपरेशंस मैनेजर के रूप में मौजूद थे, जिससे टीम समुद्र में गई थी।
मोनिका मोंटेफाल्कोने समुद्री जीव विज्ञान और अंडरवॉटर साइंस के क्षेत्र में काम कर रही थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वह मालदीव में चल रहे एक आइलैंड मॉनिटरिंग अभियान से भी जुड़ी थीं और समुद्री पारिस्थितिकी पर शोध कार्य कर रही थीं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि जॉर्जिया सोमाकाल को भी समुद्र और स्कूबा डाइविंग में खास रुचि थी। उन्होंने बायोमेडिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी और समुद्री गतिविधियों में सक्रिय रूप से हिस्सा लेती थीं।
म्यूरियल ओडेनिनो समुद्री पर्यावरण और इकोलॉजी से जुड़े रिसर्च कार्यों में शामिल थीं। उन्होंने कई वैज्ञानिक शोध पत्रों पर भी काम किया था। वहीं फेडेरिको गुआल्तिएरी ने हाल ही में मरीन बायोलॉजी और इकोलॉजी की पढ़ाई पूरी की थी और वह प्रमाणित स्कूबा डाइविंग इंस्ट्रक्टर भी थे।
जियानलुका बेनेडेट्टी पहले बैंकिंग और फाइनेंस क्षेत्र से जुड़े रहे थे, लेकिन बाद में उन्होंने डाइविंग क्षेत्र में काम शुरू किया। डाइविंग के प्रति रुचि के चलते उन्होंने कई साल पहले मालदीव में काम करना शुरू किया था।
खराब मौसम से रुका रेस्क्यू ऑपरेशन
रेस्क्यू अधिकारियों के अनुसार जियानलुका बेनेडेट्टी का शव अंडरवॉटर गुफा के प्रवेश द्वार के पास मिला है। वहीं बाकी चार गोताखोरों के गुफा के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। बचाव दल लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक जिस समुद्री गुफा में टीम गई थी, वहां तीन बड़े चैम्बर्स मौजूद हैं, जो संकरे रास्तों से एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। रेस्क्यू टीम अब तक दो हिस्सों की तलाशी ले चुकी है, लेकिन कठिन परिस्थितियों के कारण अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
समुद्र की गहराई और सीमित समय तक सुरक्षित डाइविंग की वजह से बचाव अभियान को चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है। खराब मौसम और तेज समुद्री परिस्थितियों के चलते कई बार ऑपरेशन रोकना पड़ा।
अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को आठ डाइवर्स की टीम ने सर्च मिशन में हिस्सा लिया था। सभी अलग-अलग समूहों में गुफा के भीतर पहुंचे, लेकिन मौसम बिगड़ने के बाद अभियान को बीच में रोकना पड़ा।
उधर, इटली सरकार भी इस मामले पर नजर बनाए हुए है। बताया गया है कि विशेषज्ञ डाइविंग संस्था के साथ मिलकर शवों को सुरक्षित बाहर लाने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है।
मौत की वजह अब तक साफ नहीं
समुद्र के भीतर हुए इस बड़े हादसे की असली वजह अब तक साफ नहीं हो सकी है। हालांकि जांच एजेंसियां और डाइविंग विशेषज्ञ कई संभावित कारणों को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रहे हैं।
प्रारंभिक जांच में खराब मौसम को हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार घटना के समय समुद्र में तेज हवाएं चल रही थीं, जिससे पानी के भीतर विजिबिलिटी काफी कम हो गई थी। ऐसे हालात में गुफाओं के अंदर रास्ता पहचानना बेहद मुश्किल हो जाता है।
रिपोर्ट्स में आशंका जताई गई है कि कम विजिबिलिटी के कारण गोताखोर समुद्र के भीतर मौजूद गुफाओं में रास्ता भटक गए होंगे। समुद्री गुफाओं का ढांचा बेहद जटिल और संकरा बताया जा रहा है, जिससे बाहर निकलना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
परिवार की ओर से भी इस हादसे को लेकर गहरा दुख जताया गया है। बताया गया कि टीम के सदस्य अनुभवी डाइवर्स थे और समुद्र के भीतर रिसर्च और डाइविंग अभियानों में लंबे समय से हिस्सा लेते रहे थे।
जांच एजेंसियां इस संभावना पर भी काम कर रही हैं कि किसी एक डाइवर के फंसने के बाद बाकी साथी उसे बचाने की कोशिश में मुश्किल में आ गए हों। ऐसी स्थिति में ऑक्सीजन की कमी और घबराहट हादसे की वजह बन सकती है।
कुछ विशेषज्ञों ने ऑक्सीजन टॉक्सिसिटी की आशंका भी जताई है। यह स्थिति तब बनती है जब गहराई के हिसाब से डाइविंग गैस का मिश्रण संतुलित नहीं रहता और ज्यादा दबाव में ऑक्सीजन शरीर के लिए खतरनाक साबित होने लगती है।









