ट्रम्प के जन्मदिन पर व्हाइट हाउस में UFC फाइट शो की तैयारी, 85 हजार फ्री टिकट चर्चा में

दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश के सबसे मशहूर घर में अब असली मुक्केबाजी होने वाली है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 14 जून को अपना 80वां जन्मदिन मनाएंगे और इस खास मौके को यादगार बनाने के लिए व्हाइट हाउस में अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप यानी UFC के मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। UFC दुनिया की सबसे बड़ी मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स संस्था है जिसमें अलग-अलग लड़ाई के खेलों के खिलाड़ी आमने-सामने भिड़ते हैं।
ट्रम्प के दिमाग से निकला यह अनोखा आइडिया
UFC प्रमुख डाना व्हाइट ने खुलासा किया कि व्हाइट हाउस में फाइट कराने का विचार खुद राष्ट्रपति ट्रम्प का था। इसके लिए व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में एक खास फाइटिंग एरिया तैयार किया जा रहा है। ट्रम्प की इच्छा थी कि यह आयोजन अमेरिका के 250वें स्थापना वर्ष के जश्न का हिस्सा बने और यह इतिहास में दर्ज हो जाए।
इस अस्थायी स्टेडियम में 4 हजार से अधिक दर्शक बैठकर मुकाबला देख सकेंगे। इसके अलावा व्हाइट हाउस के पास स्थित एलिप्स फील्ड में बड़ी-बड़ी स्क्रीनें लगाई जाएंगी जहां 75 हजार से लेकर 1 लाख तक लोग मुफ्त में यह रोमांचक मुकाबला देख सकेंगे।
टिकटों की मारामारी, ट्रम्प बांटेंगे हजार टिकट
इस आयोजन को लेकर उत्साह इतना जबरदस्त है कि टिकटों की मांग आसमान छू रही है। राष्ट्रपति ट्रम्प खुद 1000 टिकट बांटेंगे जबकि UFC प्रमुख के पास 200 टिकट होंगे। TKO ग्रुप के प्रमुख के पास भी 200 टिकट रहेंगे और बाकी टिकट अमेरिकी सैनिकों को दिए जाएंगे।
ट्रम्प ने खुद कहा कि उन्होंने कभी लोगों को किसी चीज के लिए इतना उत्साहित नहीं देखा। यह कोई साधारण UFC इवेंट नहीं बल्कि एकदम अलग और ऐतिहासिक आयोजन होगा। मुकाबले से पहले खिलाड़ियों का वजन मापने की प्रक्रिया ऐतिहासिक लिंकन मेमोरियल में होगी।
इसके अलावा ट्रम्प अगस्त में वॉशिंगटन की सड़कों पर इंडीकार कार रेस कराने की भी तैयारी कर रहे हैं जो वॉशिंगटन मॉन्यूमेंट और अमेरिकी संसद भवन जैसी ऐतिहासिक जगहों के पास से गुजरेगी।
ट्रम्प और UFC की पुरानी दोस्ती की कहानी
ट्रम्प और UFC प्रमुख डाना व्हाइट की दोस्ती दशकों पुरानी है। राजनीति में कदम रखने से बहुत पहले ट्रम्प ने UFC को अपने होटल और संपत्तियों में फाइटिंग इवेंट आयोजित करने की इजाजत दी थी, उस दौर में जब इस खेल को लेकर समाज में काफी आलोचना होती थी। इसके बदले डाना व्हाइट कई बार ट्रम्प के समर्थन में खुलकर सामने आए और रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन में भी उनके पक्ष में भाषण दिया।
आखिर क्या है UFC और कैसे हुई इसकी शुरुआत
अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप की नींव 1993 में अमेरिका में रखी गई थी। उस जमाने में अलग-अलग मार्शल आर्ट्स के खिलाड़ी दावा करते थे कि उनकी तकनीक सबसे घातक है। कोई बॉक्सिंग को सर्वश्रेष्ठ मानता था, कोई कराटे को, तो कोई कुश्ती या जिउ-जित्सु को। इसी बहस को असली मैदान में परखने के लिए UFC का जन्म हुआ।
पहले टूर्नामेंट में जिउ-जित्सु के माहिर रॉयस ग्रेसी ने जीत हासिल की। वे बाकी खिलाड़ियों जितने भारी-भरकम नहीं दिखते थे लेकिन उन्होंने बड़े-बड़े बॉक्सर और कराटे खिलाड़ियों को जमीन पर पटककर हरा दिया। इसके बाद यह खेल बदलता गया और खिलाड़ी जीत के लिए बॉक्सिंग, कुश्ती, जूडो, कराटे, ताइक्वांडो, जिउ-जित्सु और किकबॉक्सिंग जैसी कई तकनीकों का एक साथ उपयोग करने लगे।
UFC की पांच जरूरी बातें जो आपको जाननी चाहिए
पहले UFC को बेहद हिंसक और बिना किसी नियम का खेल माना जाता था जिसमें 60 किलो का खिलाड़ी भी 120 किलो के विरोधी से भिड़ सकता था। बाद में सुरक्षा नियम बनाए गए जिससे यह खेल अधिक व्यवस्थित हुआ।
इस खेल में फाइटर आठ कोनों वाले एक खास पिंजरेनुमा रिंग में लड़ते हैं जिसे ऑक्टागन कहा जाता है। यहां सिर्फ मुक्के नहीं बल्कि किक, पकड़कर गिराना और जमीन पर लड़ाई जैसी तमाम तकनीकें अपनाई जा सकती हैं।
UFC आज सिर्फ एक खेल नहीं बल्कि अरबों डॉलर का कारोबार बन चुका है। इसके बड़े मुकाबले पे-पर-व्यू पर दिखाए जाते हैं और करोड़ों डॉलर की कमाई होती है।
इस खेल के बड़े सितारों में कॉनर मैकग्रेगर, खबीब नूरमगोमेदोव और जॉन जोन्स जैसे नाम शामिल हैं। खबीब नूरमगोमेदोव को UFC इतिहास के सबसे खतरनाक फाइटर्स में गिना जाता है जिन्होंने अपने पूरे करियर में एक भी मैच नहीं हारा।
महिला फाइट्स भी UFC का बड़ा और अहम हिस्सा हैं। रोंडा राउजी पहली महिला सुपरस्टार मानी जाती हैं जिन्होंने महिलाओं के मुकाबलों को मुख्यधारा में लाकर खड़ा किया।
WWE और UFC में क्या है फर्क
UFC में असली लड़ाई होती है जहां जीत और हार पहले से तय नहीं होती। खिलाड़ी सच में एक-दूसरे को हराने के लिए मुक्के, किक, कुश्ती और सबमिशन तकनीकें अपनाते हैं और चोट लगना यहां आम बात है।
दूसरी तरफ WWE मुख्य रूप से मनोरंजन का खेल है जिसमें मैच का नतीजा पहले से तय होता है। खिलाड़ी एक लिखी हुई स्क्रिप्ट के हिसाब से काम करते हैं और कहानी, ड्रामा और किरदारों पर ज्यादा जोर दिया जाता है।
UFC के खिलाड़ी असली एथलीट की तरह कठोर प्रशिक्षण लेते हैं ताकि वे मैदान पर विरोधी को सच में पराजित कर सकें, जबकि WWE के खिलाड़ी भले ही बेहद फिट और ताकतवर होते हैं लेकिन उनका मुख्य लक्ष्य सुरक्षित तरीके से एक शानदार शो प्रस्तुत करना होता है।









