मैं महापौर बोल रहा हूं…

आपने जो शिकायत दर्ज की उसका समाधान हुआ या नही
नगर निगम के कुछ विभाग के साथ ही कंट्रोल रूम का निरीक्षण
उज्जैन।शहर के अनेक लोग उस समय आश्चर्य में पड़ गए,जब उनके फोन पर आवाज आई मैं महापौर बोल रहा हूं आपने जो शिकायत दर्ज की उसका समाधान हुआ या नहीं…। सामने से जो जवाब/ जानकारी मिली उसे दर्ज कर संबंधितों को 24 घंटे में कार्रवाई के निर्देश दिए।

दरअसल महापौर मुकेश टटवाल मंगलवार को नगर निगम के कुछ विभाग के साथ ही कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण किया। कंट्रोल रूम में बैठ कर जनता से मिलने वाली शिकायतोंं का रजिस्टर देखा। इसमें दर्ज नंबर पर शिकायतकर्ता को फोन लगाकर फिडबेक लिया।
इसमें कुछ तो ऐसे मामले सामने आए कि शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है,जबकि महापौर टटवाल ने शिकायतोंं का रजिस्टर देखा तो कई शिकायतों के सामने समाधान लिखा गया था। इस पर मौजूद कर्मचारियों से शिकायतों के निवारण की जानकारी भी ली। वहीं चेतावनी दी,ऐसे काम नहीं चलेगा।
इस दौरान जनता की शिकायतों की जानकारी लेते हुए स्वंय ही उस दौरान आने वाले फोन कॉल भी अटेंड किए। महापौर टटवाल ने प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के साथ ही शिकायत रजिस्टर में दर्ज करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से अवगत कराने के निर्देश दिए।
सबसे अधिक शिकायत स्ट्रीट लाइट की…
कंट्रोल रूम में स्ट्रीट लाइट खराब होने की शिकयतों पर महापौर ने अधिकारियों को तलब किया। अधिकारियों ने बताया कि शहर के बड़े हिस्सें में स्मार्ट सिटी की लाइटें भी लगी है, जिस कारण संचालन/संधारण ठेका कंपनी को करना है। महापौर ने इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर समाधान की बात कही।
तीन को नोटिस
निरीक्षण के दौरान निगम कार्यालय के गलियारों में शराब की खाली बोतल और गिलास पड़े हुए मिले थे। नगर निगम के प्रभारी फायर अफिसर ने नगर निगम के शिफ्ट प्रभारी बालाराम, कमल घावरी, संजय पाल को नोटिस जारी किए हैं। इसमें पूछा है कि परिसर में शराब की खाली बोतले और गिलास कैसे आए..?
सिस्टम को अपडेट करेंगे
महापौर मुकेश टटवाल ने बताया कि कंट्रोल रूम में शिकायत दर्ज करने के साथ अन्य नंबर भी सक्रिय है। इसके सिस्टम को अपडेट कर एकीकृत हेल्पलाइन तैयार करेंगे। जनसमस्याओं के निराकरण के लिए यह सीएम हेल्पलाइन की तर्ज पर काम करेगी। इस पर निगम से जुड़ी कोई भी जानकारी लेने के साथ ही समस्याओं को भी बताया जा सकेगा।
इसके लिए अलग से सॉफ्टवेयर डिजाइन किया जाएगा, जो कॉल सेंटर की तरह काम करेगा। समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के लिए निगम ने यूएमसी सेवा एप भी बना रखा है लेकिन समस्या तब आती है, जब लोगों की समस्याओं का निराकरण नहीं होता और एप पर शिकायतों को समाधान के पहले ही पेंडेंसी खत्म करने के लिए हटा दी जाती है।
हेल्पलाइन के साथ ही यह एप भी काम करेगा लेकिन हेल्पलाइन पर निगम के कामों की जानकारी के साथ ही शिकायतों को भी दर्ज किया जाएगा और उसका समाधान किया जाएगा। महापौर ने कहा कि इसके लिए पुरी तरह से सिस्टम को अपडेट कर एकरूप बनाया जाएगा।









