वे पंडित जो मोबाइल से पूजन करते पाखंडी हैं – स्वामी इंद्रदेव सरस्वती

झालरिया मठ में चल रही शिव महापुराण कथा

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उज्जैन। शास्त्र का ज्ञान इंटरनेट, फेसबुक, गूगल से नहीं वेदों से मिलता है, मोबाइल में लगे रहने वाले युवा वेदों पर ध्यान दें तो असली ज्ञान मिलेगा। मोबाईल से ध्यान भटकता है जबकि वेदों, शास्त्रों से ध्यान केंद्रित होता है। वे पंडित भी पाखंडी हैं जो मोबाईल से पूजन करते हैं, मोबाइल से आरती करते हैं। आरती आत्म से पैदा होती है मोबाइल से नही।
उक्त बात नृसिंहघाट स्थित झालरिया मठ में चल रही शिव महापुराण कथा में महामंडलेश्वर स्वामी इंद्रदेव सरस्वती महाराज ने कही। महेंद्र कक्कड़, ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि 23 जुलाई से 12 अगस्त तक दोपहर 1 बजे से शिव महापुराण कथा, शिवलिंग अर्चन रूद्राभिषेक, कालसर्प, महाकाल, गोपूजन, पितृदोष निवारण का आयोजन किया जा रहा है।
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