स्मार्ट मीटर के बाद तेजी से खत्म हो रहा बैलेंस? तुरंत बदलें ये 5 सेटिंग्स, नहीं तो बढ़ेगा बिल

स्मार्ट मीटर का दौर आ चुका है और बिजली विभाग तेजी से इसे हर घर तक पहुंचा रहा है। इस डिजिटल मीटर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह रियल-टाइम बिजली खपत दिखाता है जिससे आप अपना खर्च कंट्रोल कर सकते हैं। लेकिन समस्या तब आती है जब लोग मीटर लगवाने के बाद जरूरी सेटिंग्स और फीचर्स को चेक करना भूल जाते हैं। नतीजा यह होता है कि बिना वजह बैलेंस तेजी से खत्म होने लगता है।
प्रीपेड और पोस्टपेड का भ्रम दूर करें
कई राज्यों में बिजली कंपनियां अपनी व्यवस्था के अनुसार प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड सिस्टम में बदल रही हैं। इसलिए सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि आपका मीटर किस मोड पर चल रहा है। इसके लिए अपनी बिजली कंपनी के आधिकारिक एप जैसे यूपी में UPPCL कस्टमर एप पर लॉगिन करें और अकाउंट समरी सेक्शन में जाकर बिलिंग मोड देखें। अगर वहां पोस्टपेड लिखा है तो महीने के अंत में बिल चुकाना होगा। अगर करंट बैलेंस या रिचार्ज का विकल्प दिख रहा है तो मीटर प्रीपेड मोड पर है।
लो बैलेंस अलर्ट को रखें हमेशा ऑन
प्रीपेड मीटर की सबसे बड़ी टेंशन यह होती है कि बैलेंस खत्म होते ही बिजली गुल हो जाती है। इस परेशानी से बचने के लिए स्मार्ट मीटर एप में लो बैलेंस अलर्ट की सेटिंग तुरंत चालू कर दें। इसे ऑन रखने से बैलेंस एक तय सीमा से कम होते ही फोन पर SMS या एप नोटिफिकेशन आ जाएगा। इसके साथ ही हफ्ते में कम से कम एक बार एप खोलकर यूनिट्स और खर्च के पैटर्न को जरूर देखें ताकि आखिरी वक्त पर कोई झटका न लगे।
बिजली की बर्बादी से बचें
क्या आपके घर में कोई पुराना फ्रिज, एसी या गीजर है? पुराने उपकरण नए मॉडल्स के मुकाबले दोगुनी बिजली खींचते हैं। स्मार्ट मीटर एप के डेटा ग्राफ को ध्यान से देखें इससे साफ पता चलेगा कि दिन या रात के किस हिस्से में खपत सबसे ज्यादा है। इस डेटा का समझदारी से इस्तेमाल करें और आदतों में थोड़ा बदलाव लाएं। बिल में अपने आप गिरावट आने लगेगी।
बंद दिखने वाले उपकरण भी खा सकते हैं बिजली
टीवी, वाई-फाई राउटर, सेटअप बॉक्स, मोबाइल चार्जर और माइक्रोवेव जैसे उपकरण इस्तेमाल न होने पर भी सॉकेट में लगे रहने से लगातार बिजली खाते रहते हैं। ये स्टैंडबाय मोड में एक्टिव रहते हैं और इनमें करंट दौड़ता रहता है। इसलिए इन्हें सिर्फ रिमोट से नहीं बल्कि मेन प्लग से निकालने या स्विच ऑफ करके पूरी तरह बंद करने की आदत डालें।
रिचार्ज के बाद बैलेंस अपडेट पर रखें नजर
अक्सर देखा गया है कि रिचार्ज करने के तुरंत बाद भी स्मार्ट मीटर का बैलेंस एप में अपडेट नहीं होता। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय थोड़ा इंतजार करें। अगर फिर भी अपडेट न हो तो 1912 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं या बिजली विभाग के हेल्प डेस्क का सहारा लें। सबसे जरूरी बात — ऑनलाइन या ऑफलाइन रिचार्ज की रसीद हमेशा संभालकर रखें क्योंकि किसी भी तकनीकी गड़बड़ी में यह रसीद ही आपके भुगतान का एकमात्र पुख्ता सबूत होती है।









