Popup Image
Advertisement

उन्हेल को तहसील बनाने की कवायद अधिसूचना जारी, दावें-आपत्ति आमंत्रित

प्रस्तावित नागदा जिले में पांच तहसील होगी….

अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन: नागदा को प्रदेश का 54 वां जिला बनाने की प्रकिया के बीच प्रस्तावित जिले में पांच तहसील होगी। इसके लिए उन्हेल को तहसील बनाने की कवायद प्रारंभ हो गई है। इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। शासन ने उन्हेल को तहसील बनाने के लिए 10 अगस्त को नोटिफिकेशन जारी किया है। इस पर 30 दिन तक दावे-आपत्ति आमंत्रित की है।

Advertisement

मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल करते हुए नागदा को जिला बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है।उन्हेल को तहसील बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इसके बाद उन्हेल को नागदा से पृथक कर तहसील का दर्जा मिल जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा २० जुलाई को नागदा को जिला बनाने और उन्हेल को तहसील बनाने की घोषणा की गई थी। उन्हेल वर्तमान में नागदा तहसील में शामिल है।

नागदा के कुल 66 हल्के में से 28 हल्कों को पृथक कर उन्हेल तहसील प्रस्तावित की गई है। बता दें कि दावे-आपत्ति के लिए 30 दिन की समय सीमा निर्धारित की गई है लेकिन इस मामले में कोई भी आपत्ति दर्ज होने की संभावना दूर-दूर तक दिखाई नहीं दे रही है। इसलिए एक माह पश्चात कभी भी उन्हेल को तहसील का दर्जा मिलना लगभग माना जा रहा है।

Advertisement

नागदा को जिला और उन्हेल को तहसील बनाने की घोषणा के क्रम में 28 जुलाई को नागदा को जिला बनाने का नोटिफिकेशन जारी हुआ था। इसके दावे-आपत्ति की अंतिम तिथि 27 अगस्त है। अब उन्हेल को तहसील बनाने का नोटिफिकेशन जारी हुआ है। इसकी दावे आपत्ति की अंतिम तिथि 9 सितंबर होगी। यानी सितंबर में दावे-आपत्ति का निराकरण होने के बाद उन्हेल को तहसील का दर्जा मिल जाएगा।

इसे प्रस्तावित नागदा जिले की 5 वीं तहसील के रूप में शामिल किया जाएगा। राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उज्जैन और रतलाम जिले की तहसीलों को मिलाकर नागदा जिला बनेगा। नागदा में उज्जैन की नागदा और खाचरौद तहसील शामिल की जाएंगी। जबकि, रतलाम जिले की आलोट और ताल तहसील नागदा का भाग होंगी। जिला मुख्यालय कहां होगा यह अभी तय नहीं किया गया है।

Advertisement

उन्हेल तहसील में 28 पटवारी हल्के

प्रस्तावित उन्हेल तहसील में 28 पटवारी हल्के शामिल किए गए हैं, जिसमें पटवारी हल्का नंबर 33 से 41, 48, 48, 50 से 66 शामिल है। इन पटवारी हल्का में 1 उन्हेल कस्बा और 48 गांव शामिल है। राजस्व विभाग के अनुसार प्रस्तावित उन्हेल तहसील में पटवारी हल्का नंबर 33 में पानखेड़ी, हापाखेड़ा, गुराछा, मुंडला, 34 में गुराडिय़ा सांगा, उमरिया, रैयापुर, 35 में चिडिऱावदिया, पिपलिया सारंग, इटावा, 36 में आलोट जागीर, 37 में करनावद, 38 में पगारा, दीदीयाखेड़ी, बैजनाथखेड़ी, रूपाखेड़ी, 39 में झिरन्या उन्हेल, परोलिया पदमा, 40 में सरवना उन्हेल, अरोलिया देवड़ा, 41 में बरखेड़ा मांडल, मात्रा, 47 भाखेड़ा, कुंडला, 48 पिपल्यामोलू, 50 मालीखेड़ी, चिकुगंज, काकड़दा, 51 बेड़ावन, 52 उन्हेल कस्बा, 53 नवादा, 54 आक्यानजीक, 55 नागझिरी, बागला, 56 चंबल पाड़ल्या, 57 चावंड राजोटा, 58 लेकोड़ा आंजना, 59 बरखेड़ानजीक, 60 पासलोद, कलालखेड़ी, 61 गुरला, 62 करोंदिया, लसुडिय़ा चुवड़, 63 पिपल्या डाबी, 64 सूरजाखेड़ी, 65 रामाबालोदा, 66 खोकरी, अरोलिया जस्सा शामिल है।

दो अनुभाग-तहसील कम हो जाएंगे….

नए जिले के तौर नागदा के गठन के बाद उज्जैन में उज्जैन नगर, उज्जैन, कोठी महल, घटिया, तराना, महिदपुर, बडऩगर, झारड़ा और माकड़ोन तहसील का संपूर्ण भाग रहेगा। उज्जैन जिले से नागदा-खाचरौद तहसील-अनुभाग कम हो जाएंगे।नागदा जिले के पूर्व में उज्जैन, पश्चिम में रतलाम, उत्तर में मंदसौर और झालावाड़ (राजस्थान) और दक्षिण में उज्जैन जिले की सीमा रहेगी। जनभावनाओं को देखते हुए नवगठित होने वाले जिले का मुख्यालय निर्धारित होगा।

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें