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ईरान में 1000 ठिकानों पर एयरस्ट्राइक

हमले में खामनेई की बेटी, दामाद, बहू और पोती की मौत

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2000 बम गिराए, जंग में हिजबुल्लाह भी शामिल इजराइल ने लेबनान के 50 गांव खाली कराए

तेहरान, एजेंसी। इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग का आज तीसरा दिन है। अल-जजीरा के मुताबिक, इस दौरान ईरान के 1,000 ठिकानों पर हमला किया गया। इजराइली सेना के मुताबिक, जंग के पहले 30 घंटों में 2,000 से ज्यादा बम गिराए गए हैं। इस दौरान फाइटर जेट्स ने 700 से ज्यादा उड़ानें भरी हैं। ईरान ने जवाब में इजराइल समेत 9 देशों में अमेरिकी बेस पर हमले किए। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि आने वाले दिनों में तेहरान पर हमले और तेज होंगे। वहीं, रविवार को ईरान के हमले में 3 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई थी, जबकि 5 घायल हो गए थे। ट्रम्प ने कहा है कि ईरान पर तब तक हमला जारी रखेंगे जब तक वह इन मौतों का बदला नहीं ले लेते।

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शनिवार को शुरू हुई इस लड़ाई के पहले दिन ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। इन हमलों में 48 ईरानी ‘नेता’ मारे गए हैं। ईरान में सत्ता संभालने के लिए फिलहाल तीन लोगों की एक अस्थायी
समिति बनाई गई है। इसमें देश के राष्ट्रपति मसूद पजश्कियान, न्यायपालिका के प्रमुख मोहसेनी एजेही और धर्मगुरु अलीरजा अराफी शामिल हैं।

पाकिस्तान में 23 की मौत-पाकिस्तान के कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में खामेनेई की मौत के विरोध में रविवार को हंगामा हुआ था। घुसपैठ करने वाले प्रदर्शनकारियों पर दूतावास के अंदर से गोलियां चलाई गई थीं। अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है। 10 से ज्यादा घायल हैं। हंगामा इमामिया छात्र संगठन ने किया था।

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अयातुल्ला अली खामेनेई के बारे में जानिए…

अयातुल्ला अली खामेनेई का जन्म 19 अप्रैल 1939 को ईरान के धार्मिक शहर मशहद में एक मौलवी परिवार में हुआ था। वे खोमैनी शाह की नीतियों के खिलाफ थे और इस्लामी शासन की वकालत करते थे। 1963 में शाह के खिलाफ भाषण देने पर उन्हें गिरफ्तार भी किया गया। धीरे-धीरे वे सरकार विरोधी आंदोलन का बड़ा चेहरा बन गए और खोमैनी के भरोसेमंद सहयोगी माने जाने लगे। 1979 में ईरान में इस्लामी क्रांति हुई और शाह की सरकार गिर गई। खोमैनी देश लौटे और नई इस्लामी सरकार बनाई। खामेनेई को क्रांतिकारी परिषद में जगह मिली और बाद में उप रक्षामंत्री बनाया गया। 1981 में तेहरान की एक मस्जिद में भाषण के दौरान खामेनेई पर बम हमला हुआ। उसी साल एक और बम धमाके में तत्कालीन राष्ट्रपति की मौत हो गई। इसके बाद हुए चुनाव में खामेनेई भारी बहुमत से जीतकर ईरान के तीसरे राष्ट्रपति बने। 1989 में खोमैनी के निधन के बाद खामेनेई को देश का सर्वोच्च नेता यानी ‘रहबर’ बनाया गया। इसके लिए संविधान में बदलाव भी किया गया। समर्थक उन्हें इस्लामी व्यवस्था का मजबूत रक्षक मानते हैं, जबकि आलोचक उन पर सख्त और कट्टर शासन चलाने का आरोप लगाते हैं। उनकी सत्ता की चलते ही इजराइल से संघर्ष बना रहा। इजराइल खामनेई को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानता है, क्योंकि खामनेई को हमास, हुजी जैसे संगठनों का समर्थन था। हमास इजराइल के लिए परेशानी पैदा करता रहा है।

मोदी ने यूएई प्रेसिडेंट और इजरायल पीएम से बात की

जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में कफ्र्यू जैसी पाबंदियां

नईदिल्ली। भारत के भी शहरों में खामेनेई की मौत के विरोध शिया समुदाय ने सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया था। जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में आज कफ्र्यू जैसे हालात हैं। श्रीनगर के लालचौक पर बैरिकेडिंग की गई है। एक्स्ट्रा फोर्स भी तैनात किया गया। इंटरनेट भी डाउन किया गया है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच लगातार दो दिन से जंग और मिडिल ईस्ट के देशों में फंसे भारतीयों और भारत में सुरक्षा को लेकर पीएम मोदी के आवास पर रविवार रात करीब 9.30 बजे सुरक्षा समिति की बैठक हुई थी। मीटिंग में वेस्ट एशिया में रहने वाले भारतीयों और वहां फंसे लोगों की सुरक्षा, हालात बिगडऩे पर उससे कैसे निपटा जाए, इस पर चर्चा हुई।

मिडिल ईस्ट के देशों में इस जंग के कारण हालात बिगड़े हुए हैं। एयरस्पेस बंद होने का असर भारत पर भी दिख रहा है। कई भारतीय दुबई में फंसे हुए हैं। भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने एक्स पर लिखा- दुबई में हम जहां रुके थे, वहां पर धमाका हुआ। एक्ट्रेस सोनल चौहान ने पीएम मोदी से मदद मांगी है। रविवार को एयर इंडिया ने 22 इंटरनेशनल फ्लाइट रद्द कीं।

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