फॉरेक्स ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच देकर 11 लाख ठगे

बोट ब्रो कंपनी के एमडी सहित 5 पर धोखाधड़ी का केस दर्ज
अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश कर भारी मुनाफे का झांसा देकर धोखाधड़ी के मामले में बोट ब्रो कंपनी के खिलाफ महाकाल पुलिस ने प्रकरण दर्ज करते हुए एमडी, डायरेक्टर और मैनेजर सहित पांच लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इन्होंने शहर के एक के एक नोटरी को अपने जाल में फंसाकर 11 लाख रुपये की ठगी की है।
फरियादी शास्त्री नगर निवासी धीरज गोभुज (पेशे से किसान और नोटरी) ने बताया कि 25 अप्रैल 2024 को कोट मोहल्ला स्थित एक होटल में बोट ब्रो कंपनी के अधिकारियों ने निवेशकों की एक मीटिंग रखी थी। मीटिंग में अधिकारियों ने अपनी कंपनी को सेबी और आरबीआई से रजिस्टर्ड बताया। निवेशकों को फॉरेक्स ट्रेडिंग में पैसा लगाकर हर महीने 8 से 10 प्रतिशत मुनाफा देने का वादा किया गया। भविष्य में कीमत बढऩे का झांसा देकर टीएलसी कॉइन गिफ्ट करने की बात भी कही गई।
11 लाख का निवेश कराया, मार्च 2025 से पैसे देना किए बंद
दावों के झांसे में आकर धीरज ने मई 2024 में कुल 11 लाख रुपये का निवेश (नकद व ऑनलाइन) कर दिया। आरोपियों ने प्रति रजिस्ट्रेशन 10 हजार रुपये अलग से लिए। मार्च 2025 तक तो मुनाफा दिया गया, लेकिन इसके बाद पैसे आना बंद हो गए। मूल रकम भी नहीं लौटाई।
2,280 करोड़ के फर्जीवाड़े का खुलासा
पीडि़त धीरज गोभुज के अनुसार, इस धोखाधड़ी के तार देशव्यापी स्तर पर फैले हैं। मध्य प्रदेश एसटीएफ ने अब तक की अपनी सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए इस गैर-पंजीकृत कंपनी के 2,280 करोड़ रुपये के संदिग्ध ट्रांजैक्शन उजागर किए हैं। आरोपियों ने ठगी के लिए एक विशेष रोबोटिक सॉफ्टवेयर विकसित किया था और टेलीग्राम के जरिए 6 से 8 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर लोगों को फंसाते थे।
पांच आरोपियों पर एफआईआर
महाकाल पुलिस ने धारा 318-4 और 3-5 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने अर्पित शर्मा (मैनेजर, निवासी उज्जैन), शैलेष चौधरी (अकाउंट अधिकारी, निवासी उज्जैन), नीलेश पाठक (एमडी, निवासी भोपाल), मनीष खोड (डायरेक्टर, निवासी भोपाल) और राकेश सिंह (अकाउंट हेड, निवासी भोपाल) के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।









