दाल-बाफले खाकर कलेक्टर-एसपी ने बिताई गांव में रात

सरकारी योजनाओं का ग्राम पंचायत में हो रहा बेहतर क्रियान्वयन, किसान कर रहे हैं प्रगतिशील खेती, पॉली हाउस भी बना

नल-जल योजना में मिल रहा अच्छा पानी ड्रेनेज उफन रही, तीन बार ट्रिप हुई बिजली
श्याम पुरोहित/तेजराम नागर गजनीखेड़ी (बडऩगर)। उज्जैन जिले की बडऩगर तहसील के गजनीखेड़ी में कलेक्टर रौशनकुमार सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा और जिला पंचायत सीईओ श्रेयांश कुमट ने करीब 12 घंटे बिताए। इस दौरान उन्होंने चौपाल लगाई, ग्रामीणों से संवाद किया, बेहतर काम करने वाली एएनएम का सम्मान किया। दाल-बाफले, कढ़ी-चावल, सलाद-पापड़ और पॉली हाउस के खीरे का स्वाद चखा। गजनीखेड़ी मंदिर के हॉल में तीन बार बिजली ट्रिप होने के बावजूद सुकून भरी नींद निकाली।
सीएम डॉ. मोहन यादव के गांव में रात बिताने के निर्देश का पालन करने के लिए सोमवार शाम अचानक तीनों अफसर गजनीखेड़ी पहुुंचे थे। शुरुआत चौपाल से हुई। गजनीखेड़ी मंदिर परिसर में बिछात पर बैठकर अफसरों ने ग्रामीणों से सीधी बात की। रात का समय होने के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी बात कहने पहुंचे। इनमें महिलाओं की संख्या भी काफी अच्छी थी। कलेक्टर रौशनकुमार सिंह ने सरकार की एक-एक योजना की जानकारी ली। अच्छी बात यह रही कि हर योजना का संचालन गांव में बेहतर तरीके से हो रहा है। लाड़ली बहनों और किसानों के खाते में पैसे बराबर आ रहे हैं। पढ़ाई ठीक चल रही है। आंगनबाड़ी समय से खुल-बंद हो रही है।
अलसुबह ही गांव का निरीक्षण, देखी व्यवस्था
अलसुबह ही तीनों अफसर गजनीखेड़ी गांव के भ्रमण पर निकले। भ्रमण के दौरान उन्होंने क्षेत्र में स्थित दो पुरानी बावडिय़ों का निरीक्षण कर उनकी वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। पाली हाउस का निरीक्षण कर खीरा चखा। गांव में संचालित मावे की भट्टी का निरीक्षण कर स्वच्छता एवं गुणवत्ता से संबंधित पहलुओं की जानकारी ली। इस अवसर पर स्थानीय नागरिकों ने भी अपनी समस्याएं रखीं, जिनके समाधान का आश्वासन दिया गया।
सिंहस्थ को देखते हुए फूलों की खेती पर जोर
चौपाल में सिंहस्थ को देखते हुए फूलों की खेती को बढ़ावा देने की मांग भी एक ग्रामीण ने रखी। कलेक्टर ने इस सुझाव का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि करीब 250 हेक्टेयर में गुलाब की खेती करनी चाहिए।
3 हजार की आबादी पाटीदार-माली समाज की बहुलता
गजनीखेड़ी की आबादी करीब तीन हजार है। इस ग्राम पंचायत में दो गांव गजनीखेड़ी और मसवाडिय़ा धार आते हैं। सरपंच प्रेमकुंवर सिंह राठौर हैं और पंचायत का काम उनके पुत्र कौटिल्यसिंह देखते हैं। गांव में गेहूं, सोयाबीन, चने के साथ मटर, फूल, टमाटर और मिर्ची की खेती भी होती है। गांव में पाटीदार और माली समाज की बहुलता है।
उत्कृष्ट सेवा के लिए एएनएम सम्मानित
उपस्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ एएनएम मंजुला निगम के काम की ग्रामीणों ने तारीफ की। वह स्वास्थ्य विभाग की योजना को धरातल तक पहुंचा रही हैं। ऐसे में शाल-श्रीफल भेंटकर उनका सम्मान किया गया।
एसपी ने दी राहवीर योजना की जानकारी
एसपी प्रदीप शर्मा भी ग्रामीणों से रूबरू हुए। उन्होंने ग्रामीणों को राहवीर योजना और साइबर फ्रॉड से बचने की जानकारी दी। एसपी ने बताया कि सड़क हादसे में घायल को अस्पताल पहुंचाने पर अब 25 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाता है। अब तक तीन लोगों को यह पुरस्कार मिल चुका है। साइबर फ्रॉड से बचने की समझाइश भी एसपी ने दी। उन्होंने बच्चों को सोशल मीडिया का उपयोग समझदारी से करने की सीख भी दी।
सुबह की वॉक लोगों से पूछा हाल
अफसरों ने रात्रि विश्राम के बाद सुबह उठकर वॉक की और फिर लोगों से मेल-मुलाकात का दौर चला। इस दौरान नल-जल योजना के फायदे तो दिखे पर ड्रेनेज की समस्या भी सामने आई। नलों में टोटियां नहीं होने से पानी ड्रेनेज में मिलकर बह रहा था। कलेक्टर ने नलों पर टोटियां लगाने के निर्देश दिए।
नीचे तक पहुंच रही हैं योजनाएं
शासन की योजनाएं नीचे तक पहुंच रही हैं। ड्रेनेज का मसला सामने आया है। इसे ठीक करने का कहा है। गांव में अच्छी नींद आई। अच्छी बात यह है कि गांव अभी भी मच्छरमुक्त हैं।
रौशनकुमारसिंह कलेक्टर
साइबर क्राइम से बचने की समझाइश ग्रामीणों को साइबर अपराध से बचने के लिए अवेयर किया है। उन्हें राहवीर योजना की जानकारी भी दी है। बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रहने की सलाह भी दी है। गांव में रात बिताना अच्छा अनुभव रहा।
प्रदीप शर्मा, एसपी
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