Popup Image
Advertisement

नागपंचमी: नागचंद्रेश्वर दर्शन के लिए पहली बार ऑनलाइन बुकिंग

मंदिर के पट 20 अगस्त को खुलेंगे, प्रशासन जुटा तैयारी में

Advertisement

अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन: नागपंचमी पर वर्ष में एक बार खुलने वाले नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट 20 अगस्त रात को खुलेंगे। इस बार दर्शन के लिए प्रवेश की सुविधा देने के पहली मर्तबा ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा दी जा रही है। इसके अलावा, शीघ्र दर्शन टिकट के ऑफलाइन काउंटर की व्यवस्था भी रहेगी। 21 को नागपंचमी और श्रावण सोमवार है। ऐसे में इस दिन 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के उज्जैन आने की उम्मीद है। प्रशासन इसे ध्यान में रखकर तैयारियों में जुटा हुआ है। दर्शन व्यवस्था निर्धारित करने के लिए प्रशासन के अधिकारियों ने दौरा भी किया है।

नागपंचमी पर महाकालेश्वर मंदिर के मुख्य शिखर में तीसरे खंड पर स्थित श्री नागचंद्रेश्वर भगवान के दर्शन को आने वाले श्रद्धालु यदि शीघ्र दर्शन टिकट लेकर दर्शन करना चाहते हैं, तो ऑनलाइन बुकिंग भी करवा सकते हैं। पहली बार मंदिर प्रशासन ने नागचंद्रेश्वर की टिकट ऑनलाइन की है। इसके अलावा, शीघ्र दर्शन टिकट के ऑफलाइन काउंटर की व्यवस्था भी रहेगी।

Advertisement

भगवान नागचंद्रेश्वर का मंदिर के पट 20 अगस्त की रात 12 बजे पट खुलेंगे। इसके पश्चात महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान नागचंद्रेश्वर की पूजा-अर्चना की जाएगी। रात में पूजा के बाद दर्शनों का सिलसिला शुरू हो जाएगा, जो 21 अगस्त की आधी रात 12 बजे तक चलेगा।

मंदिर समिति ने भक्तों को नागचंद्रेश्वर मंदिर में प्रवेश के लिए पिछले वर्ष ही महाकाल मंदिर परिसर में ब्रिज का निर्माण किया है। खास है कि इस बार बाहर के भक्तों को परेशान नहीं होना पड़े, इसके लिए नागचंद्रेश्वर मंदिर में 300 रूपए की शीघ्र दर्शन टिकट मंदिर की वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा, मंदिर समिति पांच जगह ऑफ लाइन टिकट के लिए काउंटर भी लगाएगी। यहां से श्रद्धालु शीघ्र दर्शन टिकट प्राप्त कर सकते हैं।

Advertisement

श्रद्धालुओं के उमडऩे की संभावना ज्यादा

आने वाले दो दिनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। 20 अगस्त को रविवार का अवकाश होने के बाद 21 अगस्त को श्रावण सोमवार के साथ ही नागपंचमी का महापर्व होने से महाकाल मंदिर में लगातार अधिक भीड़ होने की होगी। देशभर से श्रद्धालु शनिवार शाम से ही उज्जैन पहुंचने लगेंगे। दर्शनार्थी रविवार की मध्य रात्रि 12 बजे से नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए कतार में लग जाएंगे। वहीं, अगले दिन भगवान महाकाल की सवारी देखेंंगे। ऐसे में प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए भीड़ नियंत्रण व श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बेहतर इंतजाम करना होंगे। कहा गया है कि दर्शन व्यवस्था पिछले साल के अनुसार ही रहेगी, लेकिन परिस्थिति को देखते हुए बदलाव भी किया जा सकता है। शुक्रवार को कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम, एसपी सचिन शर्मा, मंदिर समिति के प्रशासक संदीप सोनी, सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल सहित विभाग के अधिकारियों ने श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग, जूता स्टैंड, दर्शन व्यवस्था, टिकट काउंटर समेत मंदिर तक पहुंचने के मार्ग की व्यवस्था देखी है।

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें