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विकसित शहर के लिए हाथों से तोड़ रहे आशियाने

कंठाल-सतीगेट के बीच सडक़ पर सिर्फ मलबा, आवाजाही भी चालू, हो सकता है हादसा

 

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उज्जैन। शहर के सबसे व्यस्ततम मार्गों में शुमार कंठाल चौराहा से सती गेट तक सडक़ चौड़ीकरण का काम शुरू हो गया है। पिछले दो दिन यहां दुकानों को खाली करने का दौर चला, रविवार से यहां मकानों को तोडऩे का दौर शुरू हो गया।

रविवार सुबह लोगों ने हाथों से ही मकान तोडऩा शुरू कर दिए। हालांकि, नगर निगम ने भी रविवार से मकान तुड़ाई की मुनादी करवाई थी लेकिन सुबह 10 बजे तक साइट पर नगर निगम अमला या मशीनरी नहीं पहुंची थी। लोग खुद अपने स्तर पर श्रमिक लगाकर मकानों की तुड़ाई करने में लगे थे।

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चारों ओर धूल के गुबार: सुबह से ही लोगों ने मकानों की तुड़ाई शुरू कर दी है। ऐसे में यहां सिर्फ मलबा नजर आ रहा है। चारों ओर धूल के गुबार दिख रहे हैं। सडक़ों से मलवा हटाने का काम भी नगर निगम ने फिलहाल शुरू नहीं किया है। कुछ दुकानों के खाली करने का क्रम रविवार को भी जारी था।

आवाजाही चालू : हादसा न हो जाए

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एक ओर तो लोग यहां अपने दो-तीन मंजिला मकानों को तोड़ रहे हैं और उसका मलवा नीचे सडक़ पर गिर रहा है। वहीं यहां का आवागमन भी प्रशासन ने बंद नहीं किया है। ऐसे में कई लोग यहां सिर्फ माहौल देखने के लिए घूम रहे हैं। इन्हें रोकने के लिए पुलिस प्रशासन की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में हादसा होने का भय भी बना हुआ है।

बारिश और सवारी को देखते हुए प्राथमिकता: निगम प्रशासन ने इस मार्ग को प्राथमिकता पर इसलिए रखा है क्योंकि कंठाल से सती गेट तक सीवरेज लाइन डालने का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है। बारिश के मौसम से पहले सडक़ निर्माण पूरा करने का टॉरगेट है। इसके साथ ही भगवान महाकाल की सवारी के पहले इस मार्ग को पूरा करना जरूरी है।

पहले चरण में 35 मकान होंगे प्रभावित

नगर निगम ने इस प्रोजेक्ट को दो चरणों में विभाजित किया है। पहले चरण में कंठाल चौराहा से सती गेट तक का हिस्सा लिया गया है। इसमें करीब 35 मकान व दुकानें आ रही हैं। नगर निगम काफी समय पहले ही नोटिस जारी कर चुका है। साथ ही क्षेत्र में मुनादी करवाकर कार्रवाई की पूर्व सूचना भी दे दी गई थी।

 

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