पन्हालकर 35 वर्षों से महाकाल की शाही सवारी में दे रहे सेवाए

बाबा महाकाल की सभी सवारी में पिछले 35 वर्षों से सेवा देने वाले मिलिंद पन्हालकर आज भी शाही सवारी में अपनी सेवा देंगे। पन्हालकर उस समय से सवारी में सेवा दे रहे हैं जब न इतनी भीड़ हुआ करती थी न उन्हें संभालने के लिए इतनी पुलिस व्यवस्था, आज लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के प्रतीक बने बाबा महाकाल की 35 वर्षों से सतत सेवा देने में वे खुद को भाग्यशाली मानते हैं। पन्हालकर के अनुसार पहली बार 1987 में बाबा महाकाल की सवारी में शामिल हुए थे। तब से अब तक वे 35 साल में बाबा महाकाल की प्रत्येक सवारी में न सिर्फ शामिल हुए बल्कि अपनी सेवाएं दी।
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पन्हालकर मूल रूप से इंदौर के निवासी थे शासकीय सेवा में उज्जैन में पदस्थापना हुई लेकिन बाबा महाकाल में आस्था के कारण वे उज्जैन में ही बस गए। उनका बाबा महाकाल से इतना लगाव है कि जब से बाबा महाकाल की आराधना के लिए होने वाला श्रावण महोत्सव प्रारंभ हुआ है उन्होंने एक भी प्रस्तुति नहीं छोड़ी, वे हर रविवार को होने वाली प्रस्तुति में शामिल हुए। उन्हें एक हॉरर फिल्म में राजा की भूमिका मिली तथा चल कावडिय़े शिव के धाम में रामघाट पर अभिनय किया।









