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फीफा विश्वकप में भारत का रंग, टीम इंडिया नहीं लेकिन भारतीय मूल के खिलाड़ी चमकेंगे स्टेडियम में

आज से फीफा विश्वकप 2026 का आगाज होने जा रहा है। भले ही भारतीय राष्ट्रीय टीम इस बार भी विश्व कप में जगह नहीं बना सकी हो, लेकिन भारतीय मूल के कुछ खिलाड़ी इस महाकुंभ में अपनी छाप छोड़ने के लिए तैयार हैं। न्यूजीलैंड और कतर की टीमों में खेल रहे ये खिलाड़ी भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों के लिए खास आकर्षण होंगे।

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सरप्रीत सिंह: न्यूजीलैंड की उम्मीद, पंजाबी जड़ें

27 वर्षीय अटैकिंग मिडफील्डर सरप्रीत सिंह का जन्म न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में हुआ। उनके माता-पिता पंजाबी मूल के हैं और वे भारतीय संस्कृति से गहरा जुड़े हुए हैं। सरप्रीत ने न्यूजीलैंड को 2010 के बाद पहली बार विश्वकप में पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब तक 26 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उनके नाम तीन गोल और सात असिस्ट हैं। उन्होंने जर्मन क्लब एफसी बेयर्न म्यूनिक के लिए भी खेला है। सरप्रीत खुद को दिल से भारतीय मानते हैं और पंजाबी संस्कृति को अपनी जिंदगी में बनाए हुए हैं।

नीयाल मेसन: कतर के डिफेंडर, विश्वकप पदार्पण की संभावना

29 वर्षीय नीयाल मेसन की मां भारतीय मूल की हैं, जबकि पिता अमेरिकी हैं। इंग्लैंड में जन्मे नीयाल ने केवल सात साल की उम्र में रियाल मैड्रिड एफसी अकादमी में प्रशिक्षण शुरू किया। स्पेन, इंग्लैंड और कतर में खेलने के बाद वह 2021 में स्थायी रूप से कतर चले गए। कतर स्टार्स लीग में शानदार प्रदर्शन के बाद मार्च 2026 में उन्हें पहली बार कतर की सीनियर टीम में शामिल किया गया। अभी तक सीनियर स्तर पर उनका पदार्पण नहीं हुआ है, लेकिन विश्वकप 2026 में उनका डेब्यू संभव माना जा रहा है।

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तहसीन मोहम्मद: कतर लीग में खेलने वाले पहले भारतीय मूल के खिलाड़ी

19 वर्षीय तहसीन मोहम्मद अटैकिंग मिडफील्डर हैं। उनके माता-पिता केरल के रहने वाले हैं। तहसीन कतर स्टार्स लीग में खेलने वाले पहले भारतीय मूल के फुटबॉलर माने जाते हैं। उन्होंने कतर की सीनियर टीम के लिए दो मुकाबले खेले हैं, जिनमें जून 2024 में अफगानिस्तान के खिलाफ फीफा विश्वकप क्वालिफायर भी शामिल है। कम उम्र में ही तहसीन ने अपनी प्रतिभा से फुटबॉल जगत का ध्यान आकर्षित किया है और आगामी विश्वकप में वह कतर के लिए अहम खिलाड़ी साबित हो सकते हैं।

इन तीन भारतीय मूल के खिलाड़ियों की सफलता न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए, बल्कि भारतीय फुटबॉल प्रेमियों के लिए गर्व का विषय है। विश्वकप 2026 में उनकी कोशिशें भारत के फुटबॉल फैंस के लिए रोमांचक नजरें बनाए रखेंगी।

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