बिना बेस बिछाई जा रही पाइप लाइन, पार्षद ने उठाया सवाल

कच्ची मिट्टी पर बिछ रही लाइन, उस पर बना रहे सीसी रोड, भविष्य में बड़े संकट की आहट

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों के मद्देनजर शहर में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता अब सवालों के घेरे में है। एक ओर प्रशासन सिंहस्थ के कार्यों में उच्च स्तरीय गुणवत्ता का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर धरातल पर ठेकेदारों द्वारा बरती जा रही लापरवाही उजागर हो रही है।
ताजा मामला वार्ड 19 का है, जहां कोयला फाटक से छत्रीचौक मार्ग के चौड़ीकरण के दौरान पाइप लाइन बिछाने में गंभीर तकनीकी कमियां पाई गई हैं। लोगों का कहना कि निजातपुरा क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के दौरान पीएचई की पाइप लाइन बिछाने में मानकों की भारी अनदेखी की जा रही है। नियमानुसार पाइप लाइन बिछाने से पूर्व सीमेंट कंक्रीट या मुरम का मजबूत बेस तैयार किया जाना अनिवार्य है, लेकिन ठेकेदार सीधे कच्ची मिट्टी पर ही पाइप बिछा रहा है। आधार मजबूत न होने के कारण यह पाइप लाइन जल्द ही जमीन में धंसने लगेगी, जिससे भविष्य में लाइन के क्षतिग्रस्त होने और शहर की जल व्यवस्था ठप होने का बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।
क्षेत्रीय पार्षद पूनम मोहित जायसवाल ने आरोप लगाया है भविष्य में जब पाइप लाइन संबंधी कोई समस्या आएगी तो पूरा रोड खोदना पड़ेगा। जिस तरह पाइप लाइन डाली जा रही है उस स्थिति में तो परेशानी आना तय है। शुक्रवार को स्थानीय रहवासियों के साथ मौके पर पहुंचे पार्षद प्रतिनिधि ने कार्य की स्थिति देखकर भारी नाराजगी जताई और इसका वीडियो नगर निगम व पीएचई के वरिष्ठ अधिकारियों को कार्रवाई के लिए भेजा। स्थानीय नागरिकों ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच और कार्य को मानकों के अनुरूप पुन: कराने की मांग की है। अब देखना यह है कि निगम प्रशासन इस शिकायत के बाद ठेकेदार पर क्या कार्रवाई करता है या सिंहस्थ की जल्दबाजी में गुणवत्ता को ऐसे ही ताक पर रखा जाता रहेगा।
एक और बड़ी चूक : सीमेंट रोड के नीचे दबा दी पीएनजी लाइन
इस निर्माण कार्य में एक और बड़ी लापरवाही पीएनजी (गैस पाइप लाइन) को लेकर सामने आई है। नियमों के अनुसार गैस पाइप लाइन को सड़क के किनारे फुटपाथ वाले हिस्से में डाला जाना चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की मरम्मत के लिए मुख्य मार्ग को नुकसान न पहुंचे। इसके विपरीत, यहाँ पाइप लाइन को मुख्य सीमेंट कंक्रीट सड़क के ठीक नीचे दबा दिया गया है। यदि भविष्य में लाइन की मरम्मत की आवश्यकता पड़ती है, तो करोड़ों की लागत से बनी नई सड़क को फिर से खोदना पड़ेगा, जो सरकारी धन और जनता की सुविधा के साथ सरासर खिलवाड़ होगा।
निर्माण कार्य में और भी लापरवाही ….
1. पेयजल से जोड़े गए नल कनेक्शन एक महीने में ही उखडऩा शुरू हो गए। कुछ जगह लाइन ही लीकेज होने लगी। कनेक्शन के वक्त उन्हें ठीक से नहीं जोड़ा गया।
2. पीएचई की मेन लाइन सही नहीं जुड़ी, जगह-जगह से लीकेज हो रही है।
3. पुरानी मेन लाइन को अच्छे से बंद नहीं किया, ऐसे में पूरे क्षेत्र में गंदा पेयजल सप्लाय हो रहा है।
4. सीसी रोड़ में अभी से दरारें एवं गड्डे हो गए। अधिकारियों ने रोड को खोद कर दोबारा निर्माण का कहा गया है।
5. नालियों की ऊंचाई रोड से लगभग 1 फीट छोटी कर दी गई। सीधी नहीं बनाकर जिगजेग की तरह बनाई है।
6. नाली बनाने के बाद सरिए खुले छोड़ दिए हैं।, अगर कोई गलती से गिर जाए तो बड़ा हादसा हो सकता है।
7. मार्गो की चौड़ाई एकसमान 15 मीटर नहीं है। कम-ज्यादा की गई।
8. सीवरेज और वाटर सप्लाय पास पास है। जबकि कम से कम ५ फीट की दूरी होना चाहिए।
(ऐसे ही लापरवाहीपूर्ण कार्यों की शिकायत लोगों के साथ क्षेत्रीय पार्षद ने नगर निगम आयुक्त से की है।)
इनका कहना
नियमानुसार पाइप लाइन बिछाने से पहले सीमेंट कंक्रीट या मुरम का मजबूत बेस तैयार किया जाना चाहिए। लेकिन ठेकेदार बिना किसी बेस के सीधे कच्ची मिट्टी पर ही पाइप लाइन बिछा रहा है। अगर बेस तैयार नहीं किया गया, तो सड़क बनने के बाद पाइप लाइन जमीन में धंस जाएगी। इससे न केवल भविष्य में लाइन क्षतिग्रस्त होगी, बल्कि आम जनता को पानी के संकट और बार-बार होने वाली खुदाई से जूझना पड़ेगा।
– मोहित जायसवाल
पार्षद प्रतिनिधि
एचवीपी लाइन एकदम मुड़ती नहीं है इस कारण जहां पहले से बने चैंबर थे, वहां टर्निंग में समस्या आई है। फिर भी रोड के सेंटर मेें लाइन नहीं आने दे रहे हैं। सूखी जमीन मिले तो उसे लेबल किया जा सकता है। ऐसे में सड़क बनाते समय ही उसे सीआरएम किया जा रहा है। इस कारण समस्या नहीं आएगी।
-राजेश भावेल, पीएचई इंजीनियर








