सरकारी नौकरी और पेंशन के लालच में बुजुर्ग को 45 दिन बनाया बंधक

एसपी दफ्तर पहुंचकर लगाई सुरक्षा की गुहार

अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज कैंपस से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। एक सरकारी कर्मचारी को उसकी अपनी ही पत्नी और दो बेटों ने 45 दिनों तक घर में बंधक बनाकर रखा। पीडि़त ने किसी तरह खिडक़ी की जाली तोडक़र जान बचाई और पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।
पीडि़त भेरूलाल मालवीय (60), इंजीनियरिंग कॉलेज में हम्माल के पद पर कार्यरत हैं, ने एसपी को सौंपे शिकायती आवेदन में आरोप लगाया कि पत्नी रेखा बाई और बेटों (संतोष व रवि) ने उनके कपड़े, मोबाइल और गाड़ी छीन ली थी। उन्हें सिर्फ अंतर्वस्त्रों में 45 दिनों तक शासकीय क्वार्टर के भीतर कैद रखा। इस दौरान उनके साथ लगातार मारपीट की गई और उनका पूरा वेतन भी जबरन छीन लिया गया।
पुलिस को किया गुमराह दर्ज करवाई झूठी रिपोर्ट
हैरानी की बात यह है कि जब भेरूलाल घर में कैद थे, तब परिजनों ने नानाखेड़ा थाने में उनके लापता होने की झूठी शिकायत दर्ज करा दी। परिजनों ने पुलिस को बताया कि वे किसी महिला के साथ चले गए हैं। जब पुलिस जांच के लिए घर पहुंची, तब भी परिजनों ने उन्हें छिपाए रखा और पुलिस को गुमराह किया।
अकेले रहना चाहता हूं
भेरूलाल ने बताया कि उनकी पत्नी पेंशन के लालच में है, दोनों बेटे उनकी हत्या कर अनुकंपा नौकरी हथियाना चाहते हैं। रिश्तेदारों ने उनकी पत्नी को झूठी बातें सिखाकर उनके खिलाफ भडक़ा दिया था। प्रताडऩा से तंग आकर 13 अप्रैल को भेरूलाल खिडक़ी की जाली काटकर भाग निकले। उन्होंने कंट्रोल रूम पहुंचकर एसपी प्रदीप शर्मा से मिलकर पूरी बात बताई है। मैं अपने परिवार से कोई रिश्ता नहीं रखना चाहता हूं और अकेले रहना चाहता हूं।









